नई दिल्ली, 9 जनवरी। Somnath Swabhiman Parv : भारत की आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक सोमनाथ मंदिर एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ दौरे पर रहेंगे, जहां वह ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और वीरता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले उन्होंने सोमनाथ मंदिर पर आधारित एक भावनात्मक वीडियो साझा किया है, जिसमें मंदिर के भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक स्वरूप को दर्शाया गया है। वीडियो में लोकप्रिय गायक हंसराज रघुवंशी की आवाज में गूंजता गीत वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना देता है।

वीडियो साझा करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा— “भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजमान हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से प्रवाहित हो रही है। वे सदैव भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक रहेंगे।”
Somnath Swabhiman Parv : ओंकार मंत्र से होगा पर्व का शुभारंभ, ड्रोन शो से सजेगी संध्या
प्रधानमंत्री मोदी 10 जनवरी की शाम लगभग 8 बजे सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र का दिव्य जाप करेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में भव्य ड्रोन शो का आयोजन होगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
शौर्य यात्रा में वीर बलिदानों को नमन
Somnath Swabhiman Parv : 11 जनवरी की सुबह करीब 9:45 बजे, प्रधानमंत्री शौर्य यात्रा में भाग लेंगे। यह यात्रा उन अनगिनत वीर योद्धाओं को समर्पित होगी, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इस यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक माना जाता है।
इसके बाद प्रधानमंत्री लगभग 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे, जबकि 11 बजे एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

हजार वर्षों के संघर्ष और गौरव की स्मृति
Somnath Swabhiman Parv : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह पर्व वर्ष 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा किए गए सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण की 1,000वीं वर्षगांठ पर मनाया जा रहा है। सदियों तक कई बार ध्वस्त किए जाने के बावजूद, सोमनाथ मंदिर आज भी आस्था, धैर्य और राष्ट्रीय गौरव का अमिट प्रतीक बना हुआ है।
सरदार पटेल से राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा
Somnath Swabhiman Parv : स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प सरदार वल्लभभाई पटेल ने लिया था। इस ऐतिहासिक पुनरुद्धार का महत्वपूर्ण क्षण वर्ष 1951 में आया, जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में मंदिर को भक्तों के लिए पुनः खोला गया।

75 वर्षों का स्वर्णिम अध्याय
Somnath Swabhiman Parv : वर्ष 2026 में सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिससे इस बार के सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से सैकड़ों संत-महात्मा शामिल होंगे और सनातन संस्कृति की अखंड चेतना को नई ऊर्जा देंगे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व न केवल अतीत की स्मृति है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरक संदेश भी है।

Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







