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Pakistan Deepfake : डीपफेक की नई साजिश! पीएम मोदी को निशाना बनाकर छात्रों को भड़काने की कोशिश

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Pakistan Deepfake Campaign Targets PM Modi, Intelligence Flags Fake Videos

नई दिल्ली, 1 अगस्त। Pakistan Deepfake : भारत की खुफिया एजेंसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाए जा रहे डीपफेक वीडियो को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में ऐसे फर्जी वीडियो की संख्या में अचानक उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन वीडियो का उद्देश्य देश के छात्रों और युवाओं को सरकार के खिलाफ भड़काना तथा एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों को हवा देना है।

प्रदर्शन दोबारा भड़काने की कोशिश, छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का झूठा दावा

जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी संख्या में ऐसे वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालिया छात्र आंदोलनों में शामिल युवाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह दावा पूरी तरह भ्रामक और मनगढ़ंत है तथा इसका उद्देश्य छात्रों के बीच भय और आक्रोश पैदा करना है।

पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स पर विशेष नजर

Pakistan Deepfake :  खुफिया सूत्रों के अनुसार, जिन विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है, उनमें बड़ी संख्या पाकिस्तान से संचालित हैं। इन हैंडल्स द्वारा साझा किए जा रहे अधिकांश वीडियो केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हैं। वीडियो में ऐसा दिखाने की कोशिश की गई है कि केंद्र सरकार छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने जा रही है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग बताई जा रही है।

इंटेलिजेंस ब्यूरो का दावा—यह सुनियोजित अभियान

Pakistan Deepfake :  इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कोई सामान्य दुष्प्रचार नहीं बल्कि पूरी तरह योजनाबद्ध और व्यवस्थित अभियान है। उनका कहना है कि इसका मकसद छात्रों को दोबारा सड़कों पर उतरने के लिए उकसाना है। अधिकारी के अनुसार, इस बार पूरे अभियान का केंद्र केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बनाया गया है ताकि उनके खिलाफ माहौल तैयार किया जा सके और विरोध प्रदर्शनों को नई दिशा दी जा सके।

अब फिर माहौल बिगाड़ने की चेष्टा

Pakistan Deepfake :  अधिकारियों ने बताया कि हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक का था। छात्रों की मांगों और विरोध के बाद केंद्र सरकार ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद धीरे-धीरे प्रदर्शन शांत हो गए और स्थिति सामान्य होने लगी। अब इसी शांत माहौल को फिर से अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

‘छात्रों के जरिए भारत की सरकार बदलने का सपना देख रहे हैं पाकिस्तानी तत्व’

एक अधिकारी ने दावा किया कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया नेटवर्क को उम्मीद है कि छात्रों में असंतोष फैलाकर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित किया जा सकता है। उनका कहना है कि इन तत्वों का उद्देश्य युवाओं के माध्यम से सरकार के खिलाफ व्यापक माहौल तैयार करना और देश के भीतर अस्थिरता पैदा करना है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर नहीं होगी कार्रवाई

Pakistan Deepfake : सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने पिछले सप्ताह छात्रों को यह भरोसा दिया था कि केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने के कारण उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कदम नहीं उठाया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने भी दिया स्पष्ट संदेश

Pakistan Deepfake :  गुरुवार को दिल्ली सरकार ने भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजधानी में नीट-यूजी विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सरकार ने प्रदर्शन से संबंधित दर्ज 13 एफआइआर में आगे की कार्रवाई बंद करने का भी निर्देश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य छात्रों के बीच विश्वास बहाल करना और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।

‘सरकार समाधान चाहती है, टकराव नहीं’

Pakistan Deepfake :  एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि उसका उद्देश्य छात्रों से टकराव नहीं बल्कि बातचीत और समाधान के जरिए विवाद समाप्त करना है। उनका दावा है कि इसी कारण भारत विरोधी और आईएसआई समर्थित तत्व निराश हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने डीपफेक वीडियो, फर्जी दावों और भ्रामक संदेशों के प्रसार को और तेज कर दिया है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर फैलाए गए झूठे वीडियो

जांच एजेंसियों के अनुसार, कई डीपफेक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह कहते हुए दिखाया और सुनाया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे वीडियो कृत्रिम तकनीक की मदद से तैयार किए गए हैं और इनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।

पुराने वीडियो को एडिट कर बनाया गया डीपफेक

अधिकारियों ने बताया कि कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजरों ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने भाषण का इस्तेमाल कर उसमें छेड़छाड़ की। मूल वीडियो में प्रधानमंत्री ने पेपर माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी और परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए छात्रों द्वारा दिए गए सकारात्मक एवं रचनात्मक सुझावों की सराहना की थी। लेकिन उसी वीडियो को एडिट कर ऐसा दिखाया गया कि वह छात्रों को चेतावनी दे रहे हैं।

पीएम मोदी का नया संदेश— मिलकर देश के लिए करें काम

इन दावों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक नया वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के दौरान लगाए गए अपशब्दों का उल्लेख करते हुए संयम, संवाद और क्षमा का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कटु भाषा किसी समस्या का समाधान नहीं होती।

उन्होंने अपने संदेश में कहा, “गाली देने से कुछ हल नहीं होता। आइए भटके हुए लोगों को सही रास्ता दिखाएं और साथ मिलकर काम करें। आइए भारत के लिए काम करें।”

प्रदर्शन खत्म होने से पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क निराश

एक अन्य अधिकारी ने दावा किया कि सरकार द्वारा समाधान निकालने और छात्रों की चिंताओं पर कार्रवाई किए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन शांत हो गए। यही कारण है कि भारत विरोधी नेटवर्क निराश हैं और वे चाहते थे कि आंदोलन लंबे समय तक चलता रहे ताकि देश में अस्थिरता का माहौल पैदा किया जा सके।

एजेंसियों का बड़ा दावा

Pakistan Deepfake : खुफिया अधिकारियों के अनुसार, डीपफेक वीडियो का यह अभियान केवल सोशल मीडिया दुष्प्रचार नहीं बल्कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उनका कहना है कि इस तरह के फर्जी वीडियो और भ्रामक सामग्री के जरिए देश में भ्रम, अविश्वास और तनाव पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके), बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्रों में मौजूद आंतरिक चुनौतियों और असंतोष से ध्यान भटकाने के लिए भी भारत के खिलाफ इस तरह के दुष्प्रचार अभियानों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की अपील

Pakistan Deepfake :  सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों, विशेष रूप से छात्रों और युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले किसी भी वीडियो, ऑडियो या संदेश पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी संदिग्ध सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और केवल आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

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