नोएडा, 1 अगस्त। Noida Child Death : नोएडा के सेक्टर-123 में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यहां ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बने एक खुले पंप की होदी (हौदे) में गिरने से चार वर्षीय मासूम की मौत हो गई। इस घटना के बाद जहां परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं स्थानीय लोगों में नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि यदि संबंधित स्थान पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते तो एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
पानी पीने गया था मासूम
Noida Child Death : पुलिस के अनुसार मृतक बच्चे की पहचान फिरोज आलम उर्फ गोलू (4 वर्ष) पुत्र मुराजुद्दीन के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के ग्राम खर्तौना, थाना अटरिया का रहने वाला है। वर्तमान में परिवार नोएडा के पर्थला गोलचक्कर के पास सेक्टर-123 स्थित झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में निवास कर रहा था।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को गोलू खेलते-खेलते ग्रीन बेल्ट की ओर चला गया। इसी दौरान वह पानी पीने के लिए खुले पंप के पास पहुंचा। वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और पंप की होदी पूरी तरह खुली हुई थी। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पानी से भरे हौदे में गिर गया।
नहीं बच सकी जान
Noida Child Death : घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नागरिक तुरंत बच्चे को बचाने के लिए दौड़े और काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। इसके साथ ही पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-113 पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा
Noida Child Death : पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्यवाही, पंचनामा और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मासूम का शव परिजनों को सौंप दिया। बाद में परिवार ने गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि यदि पंप की होदी को ढका गया होता या उसके चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी की गई होती, तो आज उनका बेटा जिंदा होता।
यह हादसा नहीं, लापरवाही से हुई मौत : परिजनों का आरोप
Noida Child Death : मृतक बच्चे के परिजनों ने नोएडा प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर बने पंप की होदी को बिना किसी ढक्कन, रेलिंग या सुरक्षा व्यवस्था के खुला छोड़ दिया गया था।
परिजनों के अनुसार, यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि संबंधित विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम है। उनका कहना है कि प्रशासन की अनदेखी ने उनके मासूम बेटे की जान ले ली।
अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआइआर
Noida Child Death : पुलिस ने बताया कि परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर नोएडा प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली गई है।
थाना सेक्टर-113 पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में नोएडा की सुरक्षा व्यवस्था
Noida Child Death : यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पिछले कुछ महीनों के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खुले गड्ढों, खुले नालों, जलभराव वाले इलाकों और असुरक्षित निर्माण स्थलों के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आ चुके हैं।
इन घटनाओं में कई लोगों, विशेष रूप से छोटे बच्चों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर लगातार लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
Noida Child Death : हादसे के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर बने पंप, पानी की टंकियां, खुले हौदे, नाले और गहरे गड्ढे हमेशा दुर्घटना का खतरा बने रहते हैं।
निवासियों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग समय-समय पर निरीक्षण करे, सुरक्षा घेराबंदी कराए, चेतावनी बोर्ड लगाए और खुले स्थानों को सुरक्षित बनाए तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों ने भी जताई चिंता
Noida Child Death : शहरी सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद खुले जल स्रोत और असुरक्षित संरचनाएं बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों को ऐसे सभी स्थानों का नियमित सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए और जहां भी खतरे की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
लोगों की मांग—दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
Noida Child Death : इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि केवल एफआइआर दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का असहनीय दुख न झेलना पड़े।
एक हादसा, जिसने फिर खड़े किए कई सवाल
Noida Child Death : चार साल के मासूम गोलू की मौत ने एक बार फिर सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के लोग अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद ऐसे खतरनाक ढांचों की जिम्मेदारी किसकी है और कब तक लापरवाही की कीमत मासूम बच्चों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।






