मोतिहारी, 9 जनवरी। Indian Classical Music : प्रवासी भारतीय दिवस पर भारतीय शास्त्रीय संगीत की वैश्विक पहचान और सनातन संस्कृति से उसके गहरे रिश्ते पर केंद्रित एक भावपूर्ण आयोजन शुक्रवार को मोतिहारी में देखने को मिला। प्रसाद रत्नेश्वर संस्कृति प्रतिष्ठान की ओर से लंदन से आए प्रवासी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्था ‘कलासुधा’ के निदेशक ई. राजीव कुमार को सम्मानित किया गया।
Indian Classical Music : राजीव कुमार ने निभाई उल्लेखनीय भूमिका
इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी, साहित्यकार और प्रदर्श कला के लिए बिहार सरकार से राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त प्रसाद रत्नेश्वर ने कहा कि मोतिहारी में जन्मे और वर्तमान में यूके के नागरिक राजीव कुमार ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिष्ठा दिलाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। एक कुशल आयोजक के रूप में उन्होंने विश्व के विभिन्न देशों में मंचीय प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय संगीत को नई पहचान दी है।
लंदन में बिहार महोत्सव के मुख्य संयोजक हैं
Indian Classical Music : उन्होंने बताया कि पेशे से आइटी इंजीनियर राजीव कुमार लंदन में आयोजित होने वाले बिहार महोत्सव के भी संयोजक हैं। अब तक वे भारत के अनेक प्रतिष्ठित शास्त्रीय कलाकारों को लंदन आमंत्रित कर उनके सफल कार्यक्रम करा चुके हैं, जिससे भारतीय कला-संस्कृति की सशक्त छवि वैश्विक स्तर पर उभरी है।
भारतीय संस्कृति अनमोल है
सम्मान स्वीकार करते हुए कलासुधा कंसर्ट के निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि मोतिहारी और भारत आकर उनका मन भावनाओं से भर उठता है। “चंपारण की माटी ने मुझे कला का संस्कार दिया है। भारतीय संस्कृति अनमोल है और भारतीय शास्त्रीय संगीत सनातन संस्कृति की अनुपम देन है,” उन्होंने कहा।
Indian Classical Music : उन्होंने आगे कहा कि जब वे शास्त्रीय संगीत को मंच पर प्रस्तुत करते हैं तो स्वयं को अपनी मिट्टी से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं और ऐसा लगता है मानो भारत भूमि पर जन्म लेने का ऋण चुका रहे हों।
कलासुधा सर्च करने पर दिखेंगी कई प्रस्तुतियां
Indian Classical Music : राजीव कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर कलासुधा सर्च करने पर देश के कई बड़े कलाकारों की सधी हुई प्रस्तुतियां देखी जा सकती हैं। कलासुधा का एक कंसर्ट मोतिहारी में पहले भी हो चुका है और भविष्य में फिर से आयोजन की योजना है।
कई शहरों में कार्यक्रम की चल रही तैयारी
Indian Classical Music : उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विदेश के साथ-साथ भारत के बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, जयपुर और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में दुनिया भर के भारतीय शास्त्रीय गायकों और वादकों के कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है।
कलासुधा अकादमी की शुरुआत
Indian Classical Music : इस वर्ष कलासुधा अकादमी की शुरुआत की गई है, जो अपने आप में एक अनोखी पहल है। यह अकादमी विश्व स्तर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत के श्रेष्ठ कलाकारों और उनसे सीखने के इच्छुक विद्यार्थियों को एक मंच से जोड़ेगी। इसके साथ ही अलग-अलग देशों में अकादमी के वर्कशॉप स्थापित किए जाएंगे। इसी उद्देश्य से राजीव कुमार अपनी वर्तमान भारत यात्रा के दौरान देश के बड़े संगीतज्ञों से मुलाकात कर रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि वे बिहार की कला और संस्कृति के लिए विशेष रूप से काम करना चाहते हैं। इस दिशा में पहल करते हुए उन्होंने इसी माह की 15 तारीख को संबंधित अधिकारियों से मुलाकात के लिए समय मांगा है।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







