Shipra Rajput Case : केंद्रीय गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई
संवाददाता, नई दिल्ली, 5 मार्च। Shipra Rajput Case : बिहार के मोतिहारी में राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा को मुफ्फसील थाना परिसर में बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और फर्जी केस में फंसाने के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन प्रशिक्षु डीएसपी शिप्रा राजपूत के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
shipra rajput : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिहार सरकार के गृह सचिव को पत्र भेजकर मामले में सख्त कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट मंत्रालय व पत्रकार ओम वर्मा को भेजने का आदेश दिया है। पता चला है कि इस प्रकरण में कुछ अफसर शिप्रा राजपूत को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। पत्रकार ओम वर्मा ने उन अफसरों के नाम भी बताए हैं।
मानवाधिकार आयोग की भी कार्रवाई जारी
shipra rajput DSP : बताते चलें कि इस इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नयी दिल्ली भी तत्कालीन प्रशिक्षु डीएसपी शिप्रा राजपूत के खिलाफ केस दर्ज कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मानवाधिकार आयोग ने मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात तक को नोटिस जारी किया था। तय समय में नोटिस का जवाब नहीं देने पर मानवाधिकार आयोग ने मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात को रिमाइंडर भेज कर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी थी। वहीं, इस मामले में पटना हाईकोर्ट में शिप्रा राजपूत के खिलाफ क्रिमिनल रिट दायर है। यहां से भी शिप्रा राजपूत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। दूसरी ओर बिहार पुलिस की ओर से विभागीय इंक्वायरी जारी है।

यह है मामला
Shipra Rajput Case : विदित हो कि फरवरी 2026 में ओम वर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शिकायत की थी। 28 सितंबर 2024 को स्वयं के साथ मुफस्सिल थाना मोतिहारी के तत्कालीन थानाध्यक्ष के प्रभार में रहीं परीक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक शिप्रा राजपूत द्वारा बदसलूकी, थाना परिसर में बंधक बनाकर रखने, यातना देने और असंसदीय शब्दों का प्रयोग करने, मुकदमे में फंसाने, पत्रकारों को गालियां देने की लिखित शिकायत ओम वर्मा ने दर्ज कराई थी। इसके लिए उन्होंने मंत्रालय को सभी ठोस साक्ष्य उपलब्ध कराए थे, जो डॉक्यूमेंट, आडियो और वीडियो मोड में थे।
इस शिकायत के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय हरकत में आ गया है। केंद्रीय मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा प्रभाग के लीगल सेल ने मंत्रालय की डायरी संख्या 4101163 के तहत बिहार सरकार को आदेश जारी किया है। बिहार सरकार के गृह सचिव को दिए आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लिखा है कि इस मामले में कार्रवाई किया जाना अपेक्षित है। कार्रवाई कर इस बारे में केंद्रीय मंत्रालय और पत्रकार ओम वर्मा को अवगत कराया जाए।
मानवाधिकार आयोग में भी केस दर्ज
shipra rajput DSP : विदित हो कि ओम वर्मा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष विगत 3 अक्टूबर 2024 को तत्कालीन परीक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक शिप्रा राजपूत के खिलाफ शिकायत की थी। इस परिवाद को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वीकार करते डायरी संख्या 16381/IN/2024 दर्ज किया और समीक्षोपरांत आयोग ने केस संख्या 567/4/8/2025 दर्ज कर दिनांक 16 जून 2025 को पहली सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पूर्वी चंपारण जिले के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया।
Shipra Rajput Case : आयोग ने 28.09.24 को पुलिस उपाधीक्षक के द्वारा परिवादी को बंधक बनाना, मानसिक यंत्रणा और धमकी के मामले को संज्ञान में लिया। आयोग के द्वारा परिवादी की इस शिकायत का अंश भी टिप्पणी में शामिल है कि पुलिस उपाधीक्षक ने रिश्वत की मांग की, परिवादी के परिवाद को नजरअंदाज किया, यंत्रणा के साथ बंधक बनाकर रखा और परिवादी के मौलिक और दैहिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया। पुलिस उपाधीक्षक शिप्रा राजपूत के इस अवैधानिक और अमानवीय कृत्य के लिए कानूनी कारवाई की मांग परिवादी ओम वर्मा द्वारा की गई, जैसा आयोग के आदेश प्रति में अंकित किया गया है।
जब रची गई थी थाना में हत्या की साजिश
shipra rajput DSP : इस बारे में ओम वर्मा ने बताया कि 28 सितंबर 24 की वो रात मुझे बहुत अच्छे से याद है, जब मोतिहारी के मुफ्फसील थाना में मेरी हत्या की साजिश रची जा रही थी। मुझे दिन के 2 बजे से रात के 10 बजे तक थाना में बंधक बना कर रखा गया। प्रताड़ित किया गया। तत्कालीन प्रशिक्षु डीएसपी शिप्रा राजपूत ने मुझे पत्रकार होने के कारण गालियां दीं। कहा कि रात को लाकअप में रख कर मार डालेंगे और इसे सुसाइड का मामला बना देंगे। जैसे तैसे वह रात को छूटकर घर आए। तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें दूसरे दिन मोतिहारी के सदर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
Shipra Rajput Case : शिप्रा राजपूत की वजह से वह कई बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। उन्हें शिप्रा राजपूत की वजह से जान का खतरा बना हुआ है। ओम वर्मा ने दावा किया कि अपने पद का दुरुपयोग कर शिप्रा राजपूत मेरे दुश्मनों के साथ मिलकर मेरी हत्या करवा सकती हैं या मुझे जेल में डलवा सकती हैं। मैंने अपनी पत्नी, बच्चे और शुभचिंतकों को वह दुखद दिन सहने के लिए अभी से हिम्मत देना शुरू कर दिया है।
हर प्लेटफार्म पर की शिकायत
shipra rajput DSP : ओम वर्मा ने बताया कि जब मैंने हर प्लेटफार्म पर शिकायत की तो और समाचार का प्रसारण किया तो मुझे जेल में डालने के लिए शिप्रा राजपूत ने मोतिहारी के साइबर थाना में मेरे साथ—साथ तीन अन्य निर्दोष नागरिकों पर फर्जी आरोप लगाकर 14 नवंबर 2024 को एफआइआर कर दिया। इस मामले में शिप्रा राजपूत और मोतिहारी साइबर थाना ने सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का भी ख्याल नहीं रखा। बताते चलें कि इस केस में मोतिहारी सिविल कोर्ट ने ओम वर्मा को राहत दे दी है।
shipra rajput DSP : ओम वर्मा ने बताया कि मेरे उपर किया गया फर्जी केस शिप्रा राजपूत को उल्टा पड़ने वाला है। सभी सबूत मेरे पास उपलब्ध हैं। भारत के संविधान और कानून ने सभी को बराबर अधिकार दिए हैं। मुझे भारत सरकार, बिहार सरकार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और न्यायालय पर पूरा भरोसा है। ओम वर्मा ने बताया कि इस मामले में वह एक वीडियो जारी करेंगे। मुझे यकीन है कि मोतिहारी सहित बिहार की जनता वैसा ही आशीर्वाद देगी जैसा पहले दिया था।
ओम वर्मा के साथ आई अधिवक्ताओं की भारी भरकम टीम
shipra rajput DSP : राष्ट्रीय पत्रकार ओम वर्मा की थाना में हत्या की साजिश और बंधक बनाने के मामले में मोतिहारी, पटना और दिल्ली में अधिवक्ताओं की भारी भरकम टीम खड़ी है। ये सभी अधिवक्ता बिना फीस के ओम वर्मा के साथ खड़े हो गए हैं। वकीलों का कहना है कि यह न्याय की लड़ाई है। इस सत्य और न्याय की लड़ाई में ओम वर्मा की जीत निश्चित है। उधर, नेशनल एडीटर्स एसोसिएशन भी ओम वर्मा के साथ खड़ा हो गया है।
कौन हैं पत्रकार ओम वर्मा?
Shipra Rajput Case : ज्ञात हो कि ओम वर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म और मास कॉम करने के बाद हरि भूमि, रोहतक से अपने अखबारी कॅरियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण दिल्ली—एनसीआर ज्वाइन किया। वहां उन्होंने 17 वर्षों तक चीफ सबएडीटर के रूप में सेवाएं दीं। इस बीच वह राष्ट्रीय खबरिया चैनलों में डिबेट में हिस्सा लेते रहे। कई चैनलों ने उन्हें अपने पैनल में शामिल किया था। दैनिक जागरण के बाद उन्होंने राष्ट्रीय समाचार पोर्टल इन्फोपोस्ट न्यूज को संपादक के रूप में ज्वाइन किया। इन्फोपोस्ट न्यूज के साथ साथ अब वह राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल नेशनल प्राइम न्यूज https://nationalprimenews.com/ को भी सेवाएं दे रहे हैं। वह पत्रकारों के हक के लिए हमेशा आवाज उठाते रहे हैं। उनकी छवि बेदाग रही है। मोतिहारी उनका पैतृक घर है।







