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Chandranath Rath Murder : चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में एसआईटी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, डिजिटल सुरागों ने खोली अपराध की परतें

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Chandranath Rath Murder Case: Bihar and UP Youths Arrested in High-Profile Bengal Investigation

बक्सर, 11 मई । Chandranath Rath Murder : पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय सनसनी फैल गई जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन युवकों की गिरफ्तारी हुई। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने न केवल बंगाल बल्कि बिहार और यूपी की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और पुलिस लगातार नए सुराग जुटाने में लगी हुई है।

इसी बीच बिहार के बक्सर जिले से गिरफ्तार किए गए आरोपित— विक्की मौर्य के परिवार ने बेटे की गिरफ्तारी पर हैरानी जताई है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक यह भी स्पष्ट नहीं बताया गया कि उनके बेटे पर क्या आरोप लगाए गए हैं।

बेटे की गिरफ्तारी से सदमे में परिवार

गिरफ्तार आरोपित विक्की मौर्य के पिता गौतम कुमार सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका बेटा किसी भी आपराधिक गतिविधि में कभी शामिल नहीं रहा। उन्होंने बताया कि पुलिस अचानक उनके घर पहुंची और पूरे घर की तलाशी ली।

उन्होंने कहा, “विक्की मेरा छोटा बेटा है। हमें समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि पुलिस उसे ढूंढते हुए घर पहुंच गई। पुलिस ने घर की तलाशी ली और हमारे मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गई। अभी तक हमें कोई जानकारी नहीं दी गई कि उस पर क्या आरोप हैं।”

परिवार का कहना है कि उन्हें बेटे की गिरफ्तारी की सूचना भी सीधे पुलिस से नहीं बल्कि दूसरे लोगों के जरिए मिली।

“विक्की का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं”

गौतम कुमार सिंह ने दावा किया कि उनके बेटे का कभी कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा। उन्होंने बताया कि परिवार ने विक्की को रोजगार के लिए मुंबई भेजा था ताकि वह अच्छी जिंदगी जी सके।

उन्होंने कहा कि मुंबई में काम के दौरान किसी बात को लेकर उसका विवाद हो गया था, जिसके बाद उसने बताया कि वह दूसरी कंपनी में नौकरी करने जा रहा है। परिवार को लगा कि उसे नया काम मिल गया होगा और वह अपनी जिंदगी में आगे बढ़ रहा है।

परिवार के मुताबिक, उन्हें यह अंदाजा भी नहीं था कि अचानक उनका बेटा किसी बड़े आपराधिक मामले में फंस जाएगा।

7 मई को घर से निकला था विक्की

Chandranath Rath Murder :  विक्की के पिता ने बताया कि 7 मई को वह घर से यह कहकर निकला था कि वह काम पर जा रहा है। वह दोपहर करीब 12 बजे घर से बाहर गया, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा।

शुरुआत में परिवार को लगा कि शायद वह किसी काम में व्यस्त होगा, लेकिन जब देर रात तक उसका कोई संपर्क नहीं हुआ तो परिवार चिंतित हो गया। बाद में किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल से सूचना मिली कि पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और पश्चिम बंगाल लेकर गई है। इस सूचना के बाद परिवार पूरी तरह से हैरान रह गया।

तीन राज्यों तक पहुंची जांच

Chandranath Rath Murder :  चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब पश्चिम बंगाल से निकलकर बिहार और उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है। इस मामले में अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

इनमें बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले विक्की मौर्य और मयंक राज मिश्रा शामिल हैं, जबकि तीसरा आरोपित उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला राज सिंह बताया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पश्चिम बंगाल लाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।

एसआइटी कर रही गहन जांच

इस हाई-प्रोफाइल हत्या की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने विशेष जांच दल यानी एसआइटी का गठन किया है। जांच टीम में एसटीएफ और सीआइडी के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हत्या किसी सामान्य विवाद का परिणाम नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। इसलिए मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस आरोपितों के आपसी संबंध, हत्या की साजिश और संभावित राजनीतिक कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

यूपीआइ पेमेंट से मिला बड़ा सुराग

Chandranath Rath Murder :  इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सुराग एक ऑनलाइन पेमेंट से मिला। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपितों में से एक ने टोल प्लाजा पर यूपीआइ के जरिए भुगतान किया था।

यही डिजिटल ट्रांजैक्शन पुलिस के लिए अहम कड़ी साबित हुआ। इस पेमेंट के जरिए पुलिस को मोबाइल नंबर और लोकेशन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर आरोपितों तक पहुंचना आसान हो गया।

डिजिटल ट्रेल के सहारे पुलिस ने आरोपितों की गतिविधियों को ट्रैक किया और आखिरकार बिहार और यूपी में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

6 मई को हुई थी हत्या

Chandranath Rath Murder :  जानकारी के अनुसार, 6 मई को चंद्रनाथ रथ पर हमला किया गया था। उन पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस हत्या की खबर सामने आते ही पूरे राजनीतिक गलियारे में सनसनी फैल गई थी।

राजनीतिक रंग लेता मामला

चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए गए हैं।

हालांकि, अभी तक जांच एजेंसियों ने आधिकारिक रूप से किसी राजनीतिक दल की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है। लेकिन विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि मृतक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी माने जाते थे, इसलिए यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है।

परिवार को अब भी भरोसा नहीं

Chandranath Rath Murder :  विक्की मौर्य के परिवार का कहना है कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा इस तरह के मामले में शामिल हो सकता है।

परिवार के लोगों के अनुसार, विक्की सामान्य स्वभाव का युवक था और नौकरी की तलाश में मुंबई गया था। उनका कहना है कि पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और यदि बेटा निर्दोष है तो उसे जल्द न्याय मिलना चाहिए।

परिवार इस बात से भी नाराज है कि प्रशासन की ओर से उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है।

गांव में चर्चा का माहौल

Chandranath Rath Murder :  विक्की की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव और आसपास के इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर हैरान हैं।

कुछ लोगों का कहना है कि विक्की शांत स्वभाव का युवक था और कभी किसी विवाद में नहीं देखा गया। वहीं कुछ लोग यह भी मानते हैं कि पुलिस बिना ठोस कारण के इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं करती।

गांव में लगातार लोग परिवार के घर पहुंच रहे हैं और मामले की जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस को और खुलासों की उम्मीद

Chandranath Rath Murder :  जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपितों से पूछताछ के दौरान कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई और इसमें कितने लोग शामिल थे।

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब आरोपितों के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी, आर्थिक विवाद या कोई राजनीतिक कारण था।

डिजिटल जांच पर फोकस

इस मामले में डिजिटल सबूतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए आरोपितों की लोकेशन, संपर्क और गतिविधियों को ट्रैक कर रही है।

यूपीआइ पेमेंट से मिले सुराग ने जांच को नई दिशा दी है। जांच अधिकारी अब बैंक खातों और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में डिजिटल ट्रेल अपराधियों तक पहुंचने में सबसे बड़ी मदद साबित हो रही है।

बढ़ सकती हैं और गिरफ्तारियां

Chandranath Rath Murder : जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में अभी और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से लगातार पूछताछ कर रही है और उनके बयानों का मिलान तकनीकी सबूतों से किया जा रहा है।

बंगाल की राजनीति में नई बहस

Chandranath Rath Murder :  चंद्रनाथ रथ हत्याकांड ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ताधारी पक्ष निष्पक्ष जांच का भरोसा दिला रहा है।

राजनीतिक दल इस घटना को अपने-अपने तरीके से पेश कर रहे हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बन गया है।

एसआइटी जांच पर सबकी नजर

Chandranath Rath Murder : अब सबकी नजर एसआइटी की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। पुलिस उम्मीद जता रही है कि पूछताछ और डिजिटल जांच के जरिए हत्या की पूरी साजिश का खुलासा जल्द हो जाएगा।

वहीं, आरोपित परिवार न्यायपूर्ण जांच की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अदालत में पेशी, पुलिस रिमांड और आगे की पूछताछ इस मामले की दिशा तय करेगी।

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