Iftar Party : इफ्तार की मेज पर मिटे धर्म के फासले
ओम वर्मा, रक्सौल। Iftar Party : त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि वे समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश भी फैलाते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक दृश्य शनिवार को बिहार-नेपाल सीमा पर स्थित शहर रक्सौल में देखने को मिला, जहां वाइएस रिजॉर्ट में भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया।
इस खास कार्यक्रम का आयोजन जनता दल यूनाइटेड के फायर ब्रांड नेता साबिर अली की ओर से किया गया था। इफ्तार पार्टी में शहर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल हुए। सबसे खास बात यह रही कि इस आयोजन में केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जब हजारों लोग एक साथ रोजा खोलने के लिए एकत्र हुए तो वहां का नजारा सामाजिक एकता और सद्भाव की अनूठी मिसाल बन गया। हर तरफ लोगों के बीच आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे की झलक दिखाई दे रही थी।

इफ्तार की दावत बनी सामाजिक सौहार्द का प्रतीक
Iftar Party : रक्सौल के वाइएस रिजॉर्ट में आयोजित इस इफ्तार पार्टी में शहर के कई प्रमुख लोग, समाजसेवी और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में हर धर्म और हर वर्ग के लोग एक साथ बैठे और इफ्तार में शामिल होकर यह संदेश दिया कि त्योहार केवल किसी एक समुदाय के नहीं बल्कि पूरे समाज के होते हैं।
लोगों ने रोजा खोलने के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद दी और देश में शांति, भाईचारे और खुशहाली की कामना की।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल इफ्तार कराना नहीं बल्कि समाज में प्रेम और एकता का वातावरण बनाना था। हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस उद्देश्य को और भी मजबूत कर दिया।

साबिर अली ने बताया आयोजन का उद्देश्य
Iftar Party : कार्यक्रम के दौरान जब आयोजक साबिर अली से पूछा गया कि इतने बड़े स्तर पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने का विचार उन्हें कैसे आया, तो उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत उन्होंने पहले दिल्ली में की थी।
उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से वह रक्सौल में भी इस तरह का आयोजन कर रहे हैं और इसका मुख्य उद्देश्य समाज में भाईचारा बढ़ाना है।
साबिर अली ने कहा— “आप देखेंगे कि हमारा चंपारण सामाजिक सद्भाव की बुलंदी पर बैठा हुआ है। यहां ऐसे बहुत लोग हैं जो मुस्लिम समुदाय से नहीं आते, लेकिन भाईचारे और प्रेम की भावना सभी में बराबर है।”
उन्होंने आगे कहा कि इफ्तार तो कई लोग करते हैं, लेकिन उनका प्रयास यह है कि इलाके के लोग एक साथ बैठें, एक साथ रोजा खोलें और एक-दूसरे के करीब आएं। इससे समाज में मोहब्बत और अपनापन बढ़ता है।

त्योहारों से बढ़ती है मोहब्बत
Iftar Party : साबिर अली ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सांस्कृतिक विविधता और आपसी भाईचारा है। यहां हर धर्म के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं।
उन्होंने कहा— “चाहे दीवाली हो, होली हो या ईद का त्योहार—जब लोग एक-दूसरे से मिलते हैं तो मोहब्बत बढ़ती है। हमारे लिए सभी धर्म और सभी त्योहार सम्माननीय हैं और हम उन्हें पूरे उत्साह से मनाते हैं।”
उनके अनुसार, ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं और लोगों के बीच दूरियां कम करते हैं।

दुनिया को भारत से सीखने की जरूरत
Iftar Party : जब उनसे पूछा गया कि आज दुनिया के कई हिस्सों में धर्म के नाम पर संघर्ष और लड़ाइयां हो रही हैं, तो इसे कैसे रोका जा सकता है, इस पर साबिर अली ने स्पष्ट रूप से अपनी राय रखी।
उन्होंने कहा कि कई देशों में धर्म को केवल एक मुखौटे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। वास्तविकता में इन संघर्षों के पीछे निजी स्वार्थ, सत्ता और पैसे की लालसा छिपी होती है।
उन्होंने कहा— “असल में यह लड़ाई सत्ता और पैसे की है, जिसे धर्म का नाम दे दिया जाता है। दुनिया के कई देशों को भारत से सीख लेनी चाहिए कि यहां अलग-अलग धर्मों के लोग किस तरह एक साथ रहते हैं और मोहब्बत बांटते हैं।”

रक्सौल बना भाईचारे की मिसाल
Iftar Party : रक्सौल में आयोजित यह इफ्तार पार्टी केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का उत्सव बन गई।
हजारों लोगों की मौजूदगी और अलग-अलग धर्मों के लोगों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि जब लोग दिल से जुड़ते हैं तो धर्म और जाति की दीवारें अपने-आप छोटी पड़ जाती हैं।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारत की असली ताकत उसकी गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी सम्मान और भाईचारे में छिपी है—और ऐसे आयोजन उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करते हैं।

Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







