मुजफ्फरपुर, 9 अगस्त। Drunk Driving Crash : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में शनिवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से हुई इस घटना में एक बीएमपी जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक दारोगा और एक स्थानीय होटल संचालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
अचानक मची अफरा-तफरी
Drunk Driving Crash : जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार रात करीब 7 बजे मोतीपुर थाना के मुख्य गेट के पास NH-27 पर हुआ। उस समय दो पुलिसकर्मी और एक होटल संचालक सड़क पार कर रहे थे। तभी अचानक तेज गति से आ रही एक कार ने तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए।
बीएमपी जवान की मौके पर ही मौत
Drunk Driving Crash : इस दर्दनाक हादसे में बीएमपी जवान भार्गव भूषण की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। उनकी मौत की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
दो लोग गंभीर रूप से घायल
Drunk Driving Crash : हादसे में सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र राय और होटल संचालक विनोद राय गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए SKMCH (श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) रेफर कर दिया गया।
हादसे के बाद पलटी गाड़ी
Drunk Driving Crash : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय कार चालक कथित रूप से शराब के नशे में था। आरोपित चालक की पहचान प्रणीत कुमार के रूप में हुई है, जो मोतिहारी में NHAI के साइट इंजीनियर बताए जा रहे हैं। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में पलट गई।
पुलिस की कार्रवाई तेज
Drunk Driving Crash : घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया गया है, वहीं आरोपित चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मृतक जवान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
बढ़ते सड़क हादसे और लापरवाही पर सवाल
Drunk Driving Crash : यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और शराब पीकर गाड़ी चलाने की गंभीर समस्या को उजागर करता है। तेज रफ्तार और नशे की हालत में ड्राइविंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह निर्दोष लोगों की जान के लिए भी खतरा बनती जा रही है।
मुजफ्फरपुर का यह हादसा बेहद दुखद और चिंताजनक है। एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया, जबकि दो लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। जरूरत है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।







