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Bengal Election : बंगाल में चुनावी बिगुल बजा, 23 और 29 अप्रैल को मतदान, 4 मई को आएंगे नतीजे

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Bengal Election 2026: Voting on April 23 & 29, Results on May 4

Bengal Election : सत्ता की जंग में उतरेंगी सभी बड़ी पार्टियां

नयी दिल्ली, 15 मार्च। Bengal Election : देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का आधिकारिक एलान हो गया है। चुनाव आयोग ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव की पूरी रूपरेखा सामने रख दी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की गई है। दोनों चरणों में मतदान संपन्न होने के बाद 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

चुनाव आयोग की तैयारी पूरी

Bengal Election : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह से तैयार है। राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाएंगी ताकि मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने बताया कि सभी पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ-साथ राज्य पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी, ताकि चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे।

6.44 करोड़ मतदाता तय करेंगे बंगाल की सत्ता

Bengal Election :  चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 3.28 करोड़ पुरुष मतदाता और 3.16 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में 1152 थर्ड जेंडर मतदाता भी लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभाएंगे।

अगर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की बात करें तो 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 5.23 लाख मतदाता इस चुनाव में पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 20 से 29 वर्ष के युवाओं की संख्या लगभग 1.31 करोड़ है, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इसके अलावा राज्य में 85 वर्ष से अधिक उम्र के 3.79 लाख वरिष्ठ मतदाता भी हैं। वहीं 4.16 लाख दिव्यांग मतदाता भी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। चुनाव आयोग ने इन सभी वर्गों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है।

इवीएम को लेकर जागरूकता अभियान

Bengal Election : चुनाव आयोग ने बताया कि राज्य में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर मतदाताओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को मतदान प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना और मतदान के प्रति जागरूक करना है।

इस अभियान के तहत मतदाताओं को ईवीएम के इस्तेमाल और मतदान की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।

पिछला चुनाव रहा था आठ चरणों में

Bengal Election : गौरतलब है कि साल 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव आठ चरणों में कराए गए थे। उस समय चुनाव काफी लंबा चला था।

राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और विशाल मतदाता आधार के साथ-साथ सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान को आठ चरणों में आयोजित किया था।

हालांकि, इस बार चुनाव आयोग ने चुनाव को दो चरणों में पूरा कराने का फैसला किया है।

पिछले चुनाव में टीएमसी की बड़ी जीत

Bengal Election : पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शानदार जीत दर्ज की थी।

294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी ने 215 सीटों पर जीत हासिल की थी और लगभग 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ सरकार बनाने में सफल रही थी।

वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरी थी और उसे 77 सीटें मिली थीं।

वाम दल और कांग्रेस को लगा बड़ा झटका

Bengal Election : पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले वाम मोर्चा और कांग्रेस को पिछले चुनाव में बड़ा झटका लगा था।

दोनों दलों का गठबंधन होने के बावजूद वे एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाए। हालांकि गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (ISF) को एक सीट मिली थी।

मुस्लिम मतदाता कई सीटों पर बनते हैं निर्णायक

Bengal Election : पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। राज्य की कुल आबादी में लगभग 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।

राज्य की करीब 40 से 50 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम मतदाता चुनावी परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित करते हैं।

मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना और बीरभूम जैसे जिलों में मुस्लिम आबादी सबसे अधिक है। इन जिलों के कई निर्वाचन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक मतदाता मुस्लिम समुदाय से आते हैं, जिससे इन सीटों पर उनका वोट बेहद अहम माना जाता है।

बंगाल की सियासत फिर होगी गरम

Bengal Election :  अब चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राज्य में सत्ता की जंग को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

आने वाले हफ्तों में चुनाव प्रचार तेज होने की संभावना है और राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए बड़े-बड़े वादे और रणनीतियां पेश करेंगे।

अब पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि 4 मई को आने वाले नतीजों में बंगाल की जनता किस पार्टी को सत्ता की बागडोर सौंपती है।

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