Nishant Kumar JDU : जदयू में शामिल होकर शुरू की राजनीतिक पारी
पटना, 8 मार्च। Nishant Kumar JDU : नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने रविवार को औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रख दिया। उन्होंने Janata Dal (United) की सदस्यता ग्रहण कर अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की।
Patna स्थित जदयू कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Kumar Jha और केंद्रीय मंत्री Rajiv Ranjan Singh (Lalan Singh) ने सदस्यता दिलाई।
“जनता और पार्टी के भरोसे पर खरा उतरूंगा”
Nishant Kumar JDU : सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने कहा कि पार्टी और कार्यकर्ताओं ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।
इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें Vijay Kumar Chaudhary, Shravan Kumar, Bijendra Prasad Yadav और Ramnath Thakur शामिल थे।
नीतीश कुमार के फैसले का किया सम्मान
Nishant Kumar JDU : निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का फैसला उनका निजी निर्णय है और वे उसका सम्मान करते हैं।
उन्होंने कहा कि वे अपने पिता के मार्गदर्शन में काम करेंगे और पार्टी संगठन को मजबूत बनाने पर ध्यान देंगे।
नीतीश कुमार के 20 साल के काम को आगे बढ़ाने का संकल्प
निशांत ने कहा कि उनके पिता ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो काम किया है, वह हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और जनता के दिल में जगह बनाने की कोशिश करेंगे।
कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
Nishant Kumar JDU :निशांत के राजनीति में आने की चर्चा काफी समय से चल रही थी। जदयू के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से उन्हें सक्रिय राजनीति में आने की मांग की थी।
उनके पार्टी कार्यालय पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया और “जय नीतीश-जय निशांत” और “निशांत हैं तो निश्चिंत हैं” जैसे नारे लगाए।
ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत
Nishant Kumar JDU : जदयू कार्यालय में इस कार्यक्रम के लिए खास तैयारियां की गई थीं। ढोल-नगाड़ों के बीच निशांत का स्वागत हुआ और बाहर उनके समर्थन में कई पोस्टर और बैनर लगाए गए थे।
मंच पर बैठे निशांत हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करते रहे।
जल्द शुरू करेंगे बिहार यात्रा
सूत्रों के मुताबिक निशांत कुमार जल्द ही पूरे Bihar का दौरा शुरू कर सकते हैं। इस यात्रा का उद्देश्य जनता से सीधे संवाद करना और जमीनी स्तर पर अपनी पहचान बनाना होगा।
पार्टी के कई कार्यकर्ता उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ कार्यकर्ता उन्हें भविष्य में मुख्यमंत्री बनाने की भी मांग उठा रहे हैं।







