Trump Iran Troops : ईरान में सैन्य तैनाती पर चर्चा तेज
वाशिंगटन, 7 मार्च। Trump Iran Troops : Donald Trump प्रशासन ईरान को लेकर एक नई रणनीति पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने निजी तौर पर Iran में सीमित संख्या में अमेरिकी सैनिक भेजने में रुचि दिखाई है।
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर उन्होंने अपने सहयोगियों और Republican Party के नेताओं के साथ भी चर्चा की है।
बड़े युद्ध नहीं, खास मिशन के लिए तैनाती की योजना
Trump Iran Troops : रिपोर्ट के अनुसार यह योजना किसी बड़े पैमाने के आक्रमण की नहीं है। इसके तहत विशेष रणनीतिक मिशनों के लिए सीमित संख्या में सैनिक भेजने का विकल्प तैयार किया जा रहा है।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
युद्ध के बाद ईरान के लिए भी बनाई जा रही रणनीति
Trump Iran Troops : सूत्रों का कहना है कि ट्रंप ने युद्ध के बाद के ईरान को लेकर भी एक संभावित योजना पर चर्चा की है। इसमें ईरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करना और नई सरकार के साथ तेल उत्पादन में सहयोग जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था अमेरिका और Venezuela के बीच मौजूद तेल समझौते जैसी हो सकती है।
व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट पर दी प्रतिक्रिया
Trump Iran Troops : इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए The White House की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि यह रिपोर्ट अनाम सूत्रों के अनुमान पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं और यह कहना सही नहीं है कि उन्होंने किसी एक विकल्प को चुन लिया है।
ट्रंप का बयान: जरूरत पड़ी तो सैनिक भेज सकते हैं
इस सप्ताह New York Post को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि कई पूर्व राष्ट्रपतियों ने जमीन पर सैनिक भेजने से इन्कार किया था, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो यह विकल्प अपनाया जा सकता है।भियान के बाद अमेरिकी बलों ने ईरान में 3,000 से ज्यादा लक्ष्यों पर हमले किए हैं और 43 ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया या नष्ट कर दिया है।
इजरायल-अमेरिका हमलों के बाद बढ़ा तनाव
Trump Iran Troops : बताया जाता है कि United States और Israel ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े हमले किए थे, जिनमें कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर मारे गए।
इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
ईरान में अमेरिकी हमलों का दावा
इस बीच United States Central Command के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए सैन्य अ
ईरान का रुख: न युद्धविराम, न बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि उनका देश फिलहाल युद्धविराम की मांग नहीं कर रहा और United States के साथ बातचीत का कोई कारण नहीं देखता।







