'एन पी एन लाइव'

PM Modi 13th Address : स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पीएम मोदी का लगातार 13वां संबोधन, गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों में बनाया नया रिकॉर्ड

SHARE:

PM Modi 13th Address: Red Fort Speech Sets New Record

नई दिल्ली, 15 अगस्त। PM Modi 13th Address : देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। इसके साथ ही उन्होंने लाल किले से लगातार स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन करने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों में एक नया रिकॉर्ड कायम किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान और निर्धारित सैन्य सम्मान के बीच 21 तोपों की सलामी दी गई। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले पूरे लाल किले और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। समारोह में बड़ी संख्या में आमंत्रित अतिथि, युवा, एनसीसी कैडेट, ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।

2014 से लाल किले की प्राचीर से जारी है परंपरा

PM Modi 13th Address :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करने की परंपरा शुरू की थी। इसके बाद से हर वर्ष उन्होंने इस ऐतिहासिक स्थल से देशवासियों को संबोधित किया है। शनिवार को दिया गया उनका संबोधन लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा।

लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करना प्रधानमंत्री मोदी के लिए राजनीतिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस रिकॉर्ड के साथ वे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों के बीच लाल किले से लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधन देने वाले प्रमुख प्रधानमंत्रियों में सबसे आगे हो गए हैं।

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन स्वतंत्रता दिवस समारोह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। हर वर्ष देश और दुनिया की नजरें इस बात पर रहती हैं कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं, सरकार की उपलब्धियों को किस तरह सामने रखते हैं और देश के भविष्य को लेकर क्या दिशा और लक्ष्य निर्धारित करते हैं।

तिरंगा फहराने के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक समारोह

PM Modi 13th Address :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले पहुंचने के बाद स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। उन्होंने प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्र के सम्मान में सैन्य परंपरा का प्रदर्शन किया गया।

समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के माध्यम से पुष्पवर्षा भी की गई। आसमान से बरसते फूलों और लाल किले की प्राचीर पर लहराते तिरंगे ने स्वतंत्रता दिवस के माहौल को और अधिक भावनात्मक तथा गौरवपूर्ण बना दिया।

लाल किले के आसपास का पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया और राष्ट्रीय पर्व को उत्साह के साथ मनाया।

‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन

PM Modi 13th Address :  इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को विशेष स्थान दिया गया। ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समारोह में इसकी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व की विरासत को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

‘वंदे मातरम’ लंबे समय से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रवादी चेतना का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने लोगों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

इस वर्ष लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ राष्ट्रीय गीत का गायन किया। इस दौरान एनसीसी कैडेट और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों ने भी इसमें भाग लिया।

आयोजकों के अनुसार, सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन समारोह में मौजूद लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण क्षण रहा।

समारोह में ‘युवा शक्ति’ पर रहा विशेष जोर

PM Modi 13th Address :  इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह की एक प्रमुख थीम ‘युवा शक्ति’ रही। देश की युवा आबादी को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत के रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और बड़ी संख्या में युवा देश की अर्थव्यवस्था, तकनीक, शिक्षा, स्टार्टअप, विज्ञान, खेल और अन्य क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के मंच से युवाओं की ऊर्जा, क्षमता, आकांक्षाओं और जिम्मेदारियों को विशेष महत्व दिया गया।

‘युवा शक्ति’ के माध्यम से यह भी संदेश दिया गया कि आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें देश के करोड़ों युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी।

2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य

PM Modi 13th Address : स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक प्रमुख संदेश 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लक्ष्य से जुड़ा रहा। वर्ष 2047 में देश अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा। ऐसे में अगले दो दशकों से अधिक समय को भारत के विकास और परिवर्तन की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के तहत भारत को आर्थिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और आधुनिक राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की परिकल्पना की गई है। इस लक्ष्य में युवाओं की भागीदारी को केंद्रीय भूमिका दी जा रही है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से दिया गया संदेश इसी दीर्घकालिक विजन से जुड़ा रहा। देश की वर्तमान उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

आजादी की यात्रा से भविष्य के भारत तक

PM Modi 13th Address : प्रधानमंत्री के संबोधन को देश की अब तक की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा से जोड़कर देखा गया। स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर वर्तमान समय तक भारत ने जिन क्षेत्रों में प्रगति की है, वे देश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

स्वतंत्रता के बाद भारत ने लोकतंत्र, विज्ञान, तकनीक, कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और डिजिटल क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। बदलते समय के साथ भारत की वैश्विक भूमिका भी लगातार बढ़ी है।

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन इसी ऐतिहासिक यात्रा को भविष्य की आकांक्षाओं से जोड़ने का अवसर बना। देश की उपलब्धियों को याद करने के साथ-साथ आने वाले वर्षों के लिए नए लक्ष्यों और संकल्पों को सामने रखने की परंपरा भी इस समारोह में दिखाई दी।

लाल किले पर दिखी देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की तस्वीर

PM Modi 13th Address :  स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि देश की सामूहिक राष्ट्रीय भावना का प्रतीक भी रहा। लाल किले पर मौजूद लोगों में तिरंगे को लेकर उत्साह और देशभक्ति का माहौल दिखाई दिया।

एनसीसी कैडेटों और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों की भागीदारी ने समारोह में युवाओं की मौजूदगी को विशेष रूप से रेखांकित किया। ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन ने कार्यक्रम को भावनात्मक रूप से और मजबूत बनाया।

तिरंगा फहराने, 21 तोपों की सलामी, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और प्रधानमंत्री के संबोधन के साथ पूरा समारोह देश की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक विरासत और भविष्य के संकल्पों का प्रतीक बन गया।

ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक भारत का संगम

PM Modi 13th Address : इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में विशेष रहा। एक ओर ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्षों की ऐतिहासिक विरासत को याद किया गया, तो दूसरी ओर 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को सामने रखा गया।

इस तरह समारोह में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों और आधुनिक भारत की विकास आकांक्षाओं के बीच एक संबंध स्थापित किया गया। ‘वंदे मातरम’ देश के स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रीय चेतना की विरासत का प्रतीक बना रहा, जबकि ‘युवा शक्ति’ और ‘विकसित भारत 2047’ भविष्य के भारत की तस्वीर प्रस्तुत करते नजर आए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार 13वीं बार लाल किले से संबोधन भी इस समारोह की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा। स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने देश की अब तक की यात्रा, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को एक साथ जोड़ते हुए राष्ट्र के सामने विकास की दीर्घकालिक दिशा रखने का प्रयास किया।

PM Modi 13th Address : इस प्रकार भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की गौरवशाली विरासत, तिरंगे के सम्मान, युवाओं की ऊर्जा और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार प्रधानमंत्री का संबोधन इस समारोह का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पड़ाव बन गया।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पढ़ी गई