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Kashmiri Pandit Exodus : कश्मीरी पंडितों का पलायन पर अनुपम खेर की भावुक यादें और दर्दनाक सच

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Kashmiri Pandit Exodus: Anupam Kher Remembers 1990 Tragedy

मुंबई, 19 जनवरी। Kashmiri Pandit Exodus : अपने 550वें फिल्म प्रोजेक्ट पर काम कर रहे अभिनेता अनुपम खेर ने आज कश्मीरी पंडितों के पलायन दिवस पर भावनाओं को शब्दों में पिरोया। 19 जनवरी 1990 को लगभग 5 लाख कश्मीरी पंडितों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर किया गया था। इस घटना को याद करते हुए खेर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने दुखद स्मृतियों को साझा किया।

Kashmiri Pandit Exodus : दुख भी याद किया जाना चाहिए

वीडियो में अनुपम खेर कहते हैं, “लोग पूछते हैं कि बुरे दिनों को याद क्यों करें? लेकिन जैसे खुशी को सेलिब्रेट किया जाता है, वैसे ही दुख को भी याद किया जाना चाहिए। यह श्रद्धांजलि है उन लोगों के लिए जिन्होंने अपनों को खोया। हमारे पास इस बात को याद करने के अलावा क्या है? हम इसे बदल नहीं सकते, लेकिन भूल भी नहीं सकते।”

वापसी की चाह और असहज हालात

अभिनेता ने बताया कि कई बुजुर्ग कश्मीर लौटना चाहते हैं, लेकिन हालात अभी भी भयावह हैं। उन्होंने कहा, “370 हट चुका है, लेकिन वहां का माहौल अभी भी सुरक्षित नहीं है। कई बुजुर्गों ने मुझे बताया कि घर की याद में उनका संतुलन तक बिगड़ गया है।”

कश्मीर फाइल्स की याद

अनुपम खेर ने याद दिलाया कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म में दर्शाई गई घटनाएं वास्तविकता का केवल 10% थीं। उन्होंने लिखा, “कभी मत भूलो, कभी माफ मत करो। 36 साल पहले पांच लाख कश्मीरी हिंदुओं को जबरन घर छोड़ना पड़ा, कुछ के पास सिर्फ सूटकेस था। उन्होंने अपने घर, बचपन और जवानी की यादें खो दीं।”

व्यक्तिगत अनुभव और श्रद्धांजलि

Kashmiri Pandit Exodus : अनुपम खेर खुद कश्मीरी पंडित परिवार से हैं और फिल्म में ‘पुष्कर नाथ पंडित’ की भूमिका निभा चुके हैं। उनकी यह फिल्म सुपरहिट रही और लगभग 350 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

संक्षिप्त हाइलाइट्स
  • 19 जनवरी 1990: कश्मीरी पंडितों का जबरन पलायन
  • 5 लाख लोग घर छोड़ने पर मजबूर हुए
  • अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया
  • बुजुर्ग अब भी कश्मीर लौटना चाहते हैं
  • ‘द कश्मीर फाइल्स’ में दर्शाई गई घटनाएं वास्तविकता का सिर्फ 10%

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