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Gaza Board : सीपीआइ(एमएल) लिबरेशन का भारत को चेतावनी भरा संदेश

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India Must Reject Gaza Board: CPI(ML) Liberation Warns

Gaza Board : ‘गाजा बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होना हो सकता है नुकसानदेह

नई दिल्ली, 19 जनवरी। Gaza Board : कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को औपनिवेशिक सोच का हिस्सा बताते हुए भारत से इसे अपनाने से दूर रहने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि यह बोर्ड फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को कुचलने और अमेरिका के नेतृत्व में नई औपनिवेशिक व्यवस्था बनाने की कोशिश है।

शर्म अल-शेख समझौते से भटक गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’

Gaza Board :  पार्टी की केंद्रीय समिति ने कहा कि शुरुआत में यह बोर्ड अपने उद्देश्य के लिए था, लेकिन अब इसे संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि सारी शक्ति अमेरिका के हाथों में केंद्रित है। वेनेजुएला के खिलाफ हालिया अमेरिकी कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि इस तरह की व्यवस्था खतरनाक हो सकती है।

गाजा में हिंसा और अमेरिका का समर्थन

Gaza Board : पार्टी ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2025 के संघर्ष विराम के बावजूद इजराइल, अमेरिका और पश्चिमी देशों के समर्थन से गाजा में रोजाना हत्याएं, घरों और बुनियादी ढांचे का विनाश और लोगों को जानबूझकर भूखा मारने का सिलसिला जारी है। ऐसे में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का गठन फिलिस्तीनी संघर्ष को कमजोर करने की साजिश है।

भारत को अमेरिका केंद्रित औपनिवेशिक जाल से बचना चाहिए

Gaza Board :  बयान में कहा गया कि ट्रंप प्रशासन ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए भारत सरकार को आमंत्रित किया है। पार्टी ने भारत से अपील की कि वह अपनी उपनिवेशवाद विरोधी विरासत और ग्लोबल साउथ के साथ एकजुटता बनाए रखे। भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाली इस नई औपनिवेशिक व्यवस्था का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।

केंद्र सरकार पर कड़ी आलोचना

Gaza Board : पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गाजा में चल रहे नरसंहार के दौरान सरकार ने देश की ऐतिहासिक विरासत को धोखा दिया और दमनकारी ताकतों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए। इसे बेहद शर्मनाक बताया गया।

फिलिस्तीनी संघर्ष के प्रति भारत का अटल समर्थन चाहिए

Gaza Board : कम्युनिस्ट पार्टी ने भारत से मांग की कि वह तुरंत अपनी नीति सुधारे, फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता मजबूत करे और उनके कब्जे, रंगभेद और विदेशी प्रभुत्व से मुक्त होकर अपने भविष्य का निर्णय लेने के अधिकार का समर्थन करे। पार्टी ने कहा कि फिलिस्तीनी मुक्ति संघर्ष के प्रति भारत का समर्थन अटल रहना चाहिए।

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