UGC Regulation 2026 : समता या नई विषमता?
मोतिहारी, 28 जनवरी। UGC Regulation 2026 : लोक समाधान के राष्ट्रीय संयोजक एवं भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार शेखर ने यूजीसी के प्रस्तावित “उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम–2026” को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह नया रेगुलेशन समता लाने के बजाय समाज में नई विषमता पैदा करने वाला प्रतीत होता है। इसलिए इसमें तत्काल संशोधन आवश्यक है।
प्रधानमंत्री को पत्र, भेदभाव खत्म करने की मांग
मोतिहारी में आयोजित एक बैठक के बाद मनीष शेखर ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि यूजीसी विनियम 2026 में संशोधन कर छात्र-छात्राओं के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब जातिगत खांचों से ऊपर उठकर सबको साथ लेकर चलने का समय है।
सामान्य वर्ग को बाहर रखना अनुचित : शेखर
UGC Regulation 2026 : शेखर ने आरोप लगाया कि धारा–3 की कंडिका (ग) में सामान्य वर्ग को शामिल नहीं किया गया, जिससे यह संदेश जाता है कि सरकार उन्हें अघोषित रूप से “अत्याचारी वर्ग” मान रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि देश के अधिकांश उच्च शिक्षण संस्थान सामान्य वर्ग के लोगों द्वारा अपनी भूमि और धन दान कर स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने मांग की कि—
- सभी वर्गों को कानूनी संरक्षण दिया जाए
- जाति, धर्म, लिंग, नस्ल, आर्थिक स्थिति या दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव की शिकायत पर समान कार्रवाई हो
- धारा–5 की समता समिति में सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए
- झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायत करने वालों पर दंड और जुर्माने का प्रावधान हो
काशी हिंदू विश्वविद्यालय का उदाहरण
मनीष शेखर ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का उदाहरण देते हुए कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के लिए 1300 एकड़ भूमि काशी नरेश महाराजा प्रभु नारायण सिंह ने दान की थी और पंडित मदन मोहन मालवीय ने भिक्षा मांगकर धन जुटाया था। आज वहां सभी वर्गों को समान शिक्षा का अवसर मिल रहा है। फिर भी नए यूजीसी नियमों में संस्थापक समाज को अघोषित अत्याचारी की श्रेणी में रखा जा रहा है, जो अनुचित है।
भाजपा की विचारधारा में जातीय तुष्टीकरण नहीं
UGC Regulation 2026 : उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। जातीय तुष्टीकरण न तो भाजपा की विचारधारा में है और न ही प्रधानमंत्री की सोच में। शेखर ने विश्वास जताया कि यह रेगुलेशन प्रधानमंत्री की जानकारी के बिना लाया गया है और इसमें संशोधन होकर रहेगा।
मोतिहारी बैठक में सर्वसम्मति
UGC Regulation 2026 : इससे पहले मोतिहारी में आयोजित बैठक में नरसिंह बाबा हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर श्री मुरारी बाबा, समाजसेवी व किसान नेता ललन शुक्ला, कुंदन शुक्ला, नीरज कुमार सिंह, राहुल कुमार सहित अन्य लोगों ने सर्वसम्मति से मनीष कुमार शेखर को समाज की भावनाओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराने के लिए अधिकृत किया।







