नई दिल्ली, 15 नवंबर। Voter List Revision : देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को तेजी मिल रही है। 4 नवंबर से शुरू हुए इस अभियान के तहत मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (House-to-House Verification Forms) वितरित किए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी राज्यों के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं तक पहुँच कर गणना प्रपत्र और घोषणा प्रपत्र उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा, हर पोलिंग बूथ के लिए प्री-फील्ड प्रिंटेड गणना प्रपत्र भी मुहैया करा दिए गए हैं।
आनलाइन भी भर सकते हैं प्रपत्र
मतदाता चाहें तो यह प्रपत्र ऑनलाइन माध्यम से भी भर सकते हैं।
अब तक 12 राज्यों में गणना प्रपत्र का वितरण 95.44% पूरा हो चुका है। कुल 50,97,43,173 मतदाताओं में से 48,67,37,064 मतदाताओं को प्रपत्र दिए जा चुके हैं।
राज्यवार स्थिति इस प्रकार है :
अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह
- वितरण पूरा : 99.63%
- कुल मतदाता : 3,10,404
- प्रपत्र प्राप्त : 3,09,263
छत्तीसगढ़
- वितरण पूरा : 93.84%
- कुल मतदाता : 2,12,30,737
- प्रपत्र प्राप्त : 1,00,21,905
गोवा
- वितरण पूरा : 100%
- कुल मतदाता : 11,85,034
- सभी मतदाताओं को प्रपत्र वितरित
गुजरात
- वितरण पूरा : 98.58%
- कुल मतदाता : 5,08,43,436
- प्रपत्र प्राप्त : 5,01,23,796
केरल
- वितरण पूरा : 87.54%
- कुल मतदाता : 2,78,50,854
- प्रपत्र प्राप्त : 2,43,80,136
लक्षद्वीप
- वितरण पूरा : 100%
- कुल मतदाता : 57,812
- सभी को प्रपत्र वितरित
मध्य प्रदेश
- वितरण पूरा : 98.38%
- कुल मतदाता : 5,74,06,140
- प्रपत्र प्राप्त : 5,64,78,488
पुडुचेरी
- वितरण पूरा : 93.88%
- कुल मतदाता : 10,21,578
- प्रपत्र प्राप्त : 9,59,052
राजस्थान
- वितरण पूरा : 97.32%
- कुल मतदाता : 5,46,56,215
- प्रपत्र प्राप्त : 5,34,11,991
तमिलनाडु
- वितरण पूरा : 92.04%
- कुल मतदाता : 6,41,14,582
- प्रपत्र प्राप्त : 5,90,13,184
उत्तर प्रदेश
- वितरण पूरा : 94.37%
- कुल मतदाता : 15,44,30,092
- प्रपत्र प्राप्त : 14,57,32,454
पश्चिम बंगाल
- वितरण पूरा : 98.08%
- कुल मतदाता : 7,66,36,288
- प्रपत्र प्राप्त : 7,51,63,970
Voter List Revision : यह अभियान यह सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है कि मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन, त्रुटिरहित और व्यापक हो, ताकि आगामी चुनावों में अधिकतम संख्या में मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।







