निवेदिता झा, नई दिल्ली। Slip Disc Symptoms : आज की बदलती जीवनशैली में कमर दर्द एक आम समस्या बन गई है, क्योंकि अधिकतर लोग घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से पीठ और मांसपेशियों में जकड़न व दर्द होने लगता है।
हालांकि, हर कमर दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई बार यह दर्द स्लिप डिस्क की शुरुआत भी हो सकता है। स्लिप डिस्क की स्थिति में व्यक्ति न तो ठीक से बैठ पाता है और न ही लंबे समय तक खड़ा रह पाता है।
अस्थि मज्जा विकार
Slip Disc Symptoms : आयुर्वेद में स्लिप डिस्क को अस्थि मज्जा विकार कहा जाता है। रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क हड्डियों की तुलना में नरम होती है, जो रीढ़ को लचीलापन देने और झटकों से बचाने का काम करती है। जब यह डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है और नसों पर दबाव डालती है तो पीठ दर्द शुरू हो जाता है। यह दर्द धीरे-धीरे कमर से पैरों तक फैल सकता है, जिससे व्यक्ति को झुककर चलने में मजबूर होना पड़ता है।
हो सकते हैं कई कारण
Slip Disc Symptoms : स्लिप डिस्क के कई कारण हो सकते हैं, जैसे लंबे समय तक बैठना, भारी वजन उठाना, लगातार झुककर काम करना, मोटापा, एक ही पोजीशन में वाहन चलाना, अचानक झटका लगना या चोट लगना। शुरुआती अवस्था में जीवनशैली में कुछ बदलाव करके दर्द से राहत पाई जा सकती है, लेकिन अधिक दर्द होने पर डॉक्टर सर्जरी या फिजियोथेरेपी की सलाह भी देते हैं।
नरम कुशन का इस्तेमाल करें
Slip Disc Symptoms : स्लिप डिस्क से बचाव या दर्द को बढ़ने से रोकने के लिए कुर्सी पर बैठते समय नरम कुशन का इस्तेमाल करें और बीच-बीच में उठकर चलें। लगातार लंबे समय तक बैठने से बचें। इसके अलावा, गर्म पानी से सिकाई करने और दर्द वाले हिस्से पर तिल के तेल से मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है।
योगासन भी लाभकारी
Slip Disc Symptoms : रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए कुछ योगासन भी लाभकारी होते हैं, जैसे कैट-काउ पोज, चाइल्ड पोज, कोबरा पोज, ब्रिज पोज और मरकटासन। ये आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखने में मदद करते हैं। यदि दर्द अधिक हो तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवा या अन्य उपचार जरूर कराएं।
Author: Nivedita Jha
Nivedita Jha is a graduate from Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University. She is also a double post graduate. She has also done journalism. She has five years of experience in journalism.







