नई दिल्ली, 17 नवंबर। Sheikh Hasina Verdict : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध (Crimes Against Humanity) मामले में आइसीटी (International Crimes Tribunal) ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने शेख हसीना को दोषी ठहराया है और कहा है कि वे सबसे कठोर सजा की हकदार हैं। उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है।
कोर्ट ने अपने फैसले में वीडियो साक्ष्यों का हवाला दिया। इन साक्ष्यों में आरोप लगाया गया कि हसीना ने लक्षित हत्याओं के आदेश, जुलाई-अगस्त में विरोध प्रदर्शनों के दौरान नागरिकों पर गोली चलाने और उन्हें निशाना बनाने के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल करने के आदेश दिए।
पत्रकारों को भी प्रताड़ित किया था
Sheikh Hasina Verdict : इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी कहा कि सबूत बताते हैं कि हसीना ने सरकार की आलोचना करने वाले कई पत्रकारों, राजनेताओं और कार्यकर्ताओं को पद से हटा दिया था।
आइसीटी ने यह भी उल्लेख किया कि महीनों तक चले मुकदमे में हसीना को छात्रों के नेतृत्व में हुए विद्रोह पर घातक कार्रवाई का आदेश देने का दोषी पाया गया था। इसके चलते, बांग्लादेश की न्यायपालिका ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए अधिकतम सजा की हकदार माना।
स्थानीय हालात और सुरक्षा कड़ी
Sheikh Hasina Verdict : स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार सुबह तक पिछले 36 घंटों में नारायणगंज जिले में अवामी लीग के कम से कम 21 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तारेक अल मेहदी ने पुष्टि की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। ढाका के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं, मुख्य सड़कों और राजमार्गों पर नौ चौकियां स्थापित की गई हैं, जबकि 26 मोबाइल टीमें जिले में गश्त कर रही हैं।
हसीना पर लगे आरोप
- हत्या और अपराध रोकने में नाकामी
- मानवता के खिलाफ अपराध
- छात्रों को गिरफ्तार कर टॉर्चर करना
- एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग
- फायरिंग और लीथल फोर्स का इस्तेमाल
मृत्युदंड की मांग की थी
Sheikh Hasina Verdict : बांग्लादेशी प्रॉसिक्यूशन ने हसीना के दोषी पाए जाने पर उनके लिए मृत्युदंड की मांग की थी। ध्यान दें कि हसीना की गैरहाजिरी में यह फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने 10 जुलाई को उनके खिलाफ सभी आरोप तय किए थे।
इस फैसले के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति को लेकर तनाव बढ़ गया है और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







