Shashi Tharoor Congress : दीपा दासमुंशी ने यह किया स्पष्ट किया
नई दिल्ली, 23 जनवरी। Shashi Tharoor Congress : कांग्रेस सांसद शशि थरूर के केरल चुनाव से जुड़ी एक अहम बैठक में शामिल न होने के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके पार्टी से नाराज़ होने की अटकलें तेज हो गई। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इन कयासों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि शशि थरूर पार्टी से नाराज़ नहीं हैं। वह पूरी मजबूती से कांग्रेस के साथ हैं।
डीके सुरेश का दावा— कोई नाराज़गी नहीं
Shashi Tharoor Congress : कांग्रेस नेता डीके सुरेश ने कहा कि शशि थरूर पूरी तरह पार्टी के साथ हैं। उन्होंने बताया कि थरूर बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे, लेकिन इसकी जानकारी उन्होंने पहले ही दे दी थी। पिछले महीने वायनाड में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शशि थरूर ने सक्रिय भागीदारी की थी और पीसीसी की कार्यकारी समिति की बैठक में भी वे शामिल हुए थे।
केरल चुनाव की रणनीति पर मंथन
Shashi Tharoor Congress : डीके सुरेश ने केरल कांग्रेस लीडरशिप मीटिंग के बारे में कहा कि बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें वर्किंग कमेटी के सदस्य, पीसीसी अध्यक्ष, सीएलपी नेता समेत राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद रहे। सभी नेताओं ने चुनावी रणनीति और आगे की कार्ययोजना पर विचार साझा किए।
दीपा दासमुंशी ने बताया गैरहाजिरी का कारण
Shashi Tharoor Congress : कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने भी शशि थरूर की गैरमौजूदगी पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि थरूर नाराज़ हैं। वे पार्टी के साथ हैं और आज एक विशेष कार्यक्रम में व्यस्त हैं। दरअसल, नारायण गुरु पर आधारित उनकी एक महत्वपूर्ण पुस्तक का आज विमोचन हुआ है, जो केरल, संविधान और सामाजिक सुधार के संदर्भ में बेहद अहम है।
चुनावी अभियान की दिशा तय करने पर फोकस
Shashi Tharoor Congress : कांग्रेस नेताओं ने बताया कि केरल लीडरशिप मीटिंग पूरी तरह चुनावी अभियान को लेकर केंद्रित थी। इसमें अगले दो महीनों में पार्टी को किस दिशा में आगे बढ़ना है और जमीनी स्तर से मिल रही रिपोर्ट्स पर विस्तार से चर्चा की गई।
रमेश चेन्निथला का भरोसा— कांग्रेस फिर जीतेगी
कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि केरल में चुनाव नजदीक हैं, इसलिए पार्टी नेतृत्व ने सभी प्रमुख नेताओं को चर्चा के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि पिछली विधानसभा और पंचायत चुनावों में कांग्रेस को बड़ी सफलता मिली थी और पार्टी एक बार फिर मजबूती से चुनावी मैदान में उतरेगी।







