मोतिहारी, 3 सितंबर। Radio broadcast : जिले के वरिष्ठ कवि – साहित्यकार प्रसाद रत्नेश्वर की चुनिंदा भोजपुरी कविताओं एवं गज़लों का रेडियो प्रसारण 5 सितम्बर को अपराह्न 5.30 बजे से होगा।
स्टूडियो में हुई रिकार्डिंग
2 सितंबर को आकाशवाणी के पटना केंद्र पर ‘आरती’ कार्यक्रम में प्रसारण हेतु प्रसाद रत्नेश्वर की सात भोजपुरी कविताओं एवं गज़लों की रिकार्डिंग हुई।
प्रयासों को मिली सराहना
Radio broadcast : इस रिकार्डिंग के साथ राष्ट्रीय प्रसारण के लिए चम्पारण सत्याग्रह की पृष्ठभूमि पर लिखित एवं मई में प्रकाशित प्रसाद रत्नेश्वर के नाटक ‘ निलही कोठी ‘ से उनकी तीन स्वरचित भोजपुरी गीतों को सस्वर रिकार्ड कराया। इन्हें काफी पसंद किया गया। चम्पारण आंदोलन को नये सिरे से लोगों को परिचित कराने के प्रसाद रत्नेश्वर के प्रयासों को बहुत सराहना मिली है।

हाल ही में मिला है शिखर सम्मान
Radio broadcast : ज्ञात हो कि हाल ही में मोतिहारी मूल के साहित्यकार प्रसाद रत्नेश्वर को वर्ष 2025 के पं. राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान दिया गया है। यह राष्ट्रीय सम्मान उनको उनकी चर्चित नाट्य कृति पाँच मंचीय नाटकों का संग्रह ‘ निलही कोठी ‘ के लिए दिया गया।
चम्पारण सत्याग्रह का नाट्यरूप ‘ निलही कोठी ‘ संग्रह के पाँच नाटकों में शामिल है। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाने वाला यह सम्मान प्रसाद रत्नेश्वर को 23 अगस्त को पटना के विद्यापति भवन में चम्पारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल की 150 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में दिया गया।
हो चुका है राष्ट्रीय स्तर पर मंचन
Radio broadcast : उल्लेखनीय है कि प्रसाद रत्नेश्वर का नाटक निलही कोठी चम्पारण में नील की खेती, अंग्रेज निलवरों द्वारा शोषण-अत्याचार, किसान आंदोलन,चम्पारण सत्याग्रह, गाँधी का आगमन,मुक्तिपर्व एवं वर्तमान परिदृश्य की नाट्य विधा में अनकही कथा को देश-दुनिया से परिचित कराने के लिए बिदेसिया लोकनाट्य शैली लिखित है। इसका राष्ट्रीय स्तर पर मंचन हो चुका है।






