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Police Suspension Bihar : बिहार में चंपारण रेंज के डीआइजी ने जांच में लापरवाही में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया

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Police Suspension Bihar: Two Cops Suspended Over Probe Lapses in Champaran

पटना, 2 जनवरी। Police Suspension Bihar : चंपारण रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआइजी) हरकिशोर राय ने बिहार के सुगौली पुलिस स्टेशन के दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई एक सड़क दुर्घटना मामले की जांच में कथित लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप के चलते की गई है।

यह कार्रवाई सुगौली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक केस की जांच में गंभीर खामियों के उजागर होने के बाद की गई है। यह मामला 15 अगस्त, 2025 को ट्रैक्टर दुर्घटना में मारे गए मोहम्मद आलियास की मौत से संबंधित है।

Police Suspension Bihar : आरोपित को बचाने का किया था प्रयास

मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, निलंबित अधिकारियों ने कथित तौर पर मामले में आरोपित को बचाने का प्रयास किया।

पीड़ित की पत्नी इम्तरी खातून ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। हालांकि, जांच में पता चला कि निष्पक्ष जांच करने के बजाय, सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार पांडे ने घटना के एक सप्ताह के भीतर ट्रैक्टर मालिक ब्रजेश कुमार मिश्रा के साथ कथित तौर पर मिलीभगत की थी।

पांडे पर आरोप है कि उसने पीड़ित परिवार पर 60 हजार रुपये का मुआवजा स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया और ट्रैक्टर मालिक का नाम मामले से हटाने का प्रयास किया।

जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण खुलासा यह हुआ कि ट्रैक्टर मालिक का भाई बिहार पुलिस में सेवारत सब-इंस्पेक्टर है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से पता चला कि सर्किल इंस्पेक्टर पांडे उसके साथ लगातार संपर्क में थे।

Police Suspension Bihar : निष्कर्षों के आधार पर की कार्रवाई

इन निष्कर्षों के आधार पर डीआइजी हरकिशोर राय ने सुगौली के सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार पांडे और सुगौली की जांच सब-इंस्पेक्टर निधि कुमारी को निलंबित करने का आदेश दिया।

विभागीय कार्यवाही के तहत डीआइजी ने निधि कुमारी से विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा है।

जनशिकायत के दौरान सामने आया मामला

Police Suspension Bihar : यह मामला एसपी स्वर्ण प्रभात की जन शिकायत निवारण बैठक के दौरान सामने आया, जिसके बाद प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक ऋषभ कुमार को विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त या पुलिस बल की छवि धूमिल करने का प्रयास करने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ, चाहे उसका पद या प्रभाव कुछ भी हो, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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