Pilot Rescue Operation : ‘हम उसे वापस ले आए’—ट्रंप ने बताया खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन का सच
वाशिंगटन, 5 अप्रैल। Pilot Rescue Operation : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बेहद साहसिक और जोखिम भरे सैन्य अभियान को अंजाम देते हुए अमेरिकी सेना ने अपने लापता पायलट को ईरान की धरती से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। यह ऑपरेशन न केवल सैन्य कौशल का उदाहरण माना जा रहा है, बल्कि इसे हाल के समय के सबसे खतरनाक और जटिल रेस्क्यू मिशनों में से एक भी बताया जा रहा है।
लापता था एक क्रू मेंबर
Pilot Rescue Operation : विस्तृत जानकारी के अनुसार, ईरान ने हाल ही में अमेरिकी वायुसेना के दो लड़ाकू विमानों—एफ-15ई और ए-10—को निशाना बनाते हुए उन्हें मार गिराया था। इस हमले के दौरान एफ-15ई विमान में सवार दो क्रू मेंबर्स में से एक को अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, जबकि दूसरा सदस्य लापता हो गया था। इस घटना के बाद से ही अमेरिकी सेना उस लापता क्रू मेंबर की तलाश में जुट गई थी।
ट्रंप ने यह दिया बयान
Pilot Rescue Operation : रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि लापता क्रू मेंबर को भी अब सुरक्षित बचा लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में इस सफल ऑपरेशन की पुष्टि की और इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे बहादुर सर्च और रेस्क्यू अभियानों में से एक बताया।
देश के लिए राहत की बात
ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा कि पिछले कुछ घंटों के दौरान अमेरिकी सेना ने असाधारण साहस और रणनीति का परिचय देते हुए इस मिशन को पूरा किया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन एक बेहद सम्मानित अधिकारी के लिए चलाया गया था, जो एक कर्नल भी हैं और जिनकी सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब वह अधिकारी पूरी तरह सुरक्षित हैं, जो पूरे देश के लिए राहत और गर्व की बात है।
लोकेशन पर थी नजर
राष्ट्रपति ने आगे बताया कि यह बहादुर सैनिक ईरान के दुर्गम और खतरनाक पहाड़ी इलाकों में दुश्मनों से घिरा हुआ था। दुश्मन लगातार उसकी तलाश में थे और हर घंटे उसके करीब पहुंच रहे थे। इसके बावजूद वह पूरी तरह अकेला नहीं था, क्योंकि अमेरिका के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व—जिसमें कमांडर-इन-चीफ, रक्षा विभाग के प्रमुख और संयुक्त सेनाध्यक्ष शामिल हैं—लगातार उसकी लोकेशन पर नजर बनाए हुए थे और उसे सुरक्षित निकालने की योजना बना रहे थे।
ट्रंप के अनुसार, उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन के लिए दुनिया के सबसे आधुनिक और घातक हथियारों से लैस कई एयरक्राफ्ट तैनात किए। इन विमानों और विशेष बलों ने मिलकर बेहद सटीक और समन्वित कार्रवाई करते हुए इस मिशन को सफल बनाया।
क्रू मेंबर को कुछ चोटें आईं
Pilot Rescue Operation : हालांकि, रेस्क्यू किए गए क्रू मेंबर को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन ट्रंप ने भरोसा जताया कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इससे पहले भी एक अन्य पायलट को सफलतापूर्वक बचाया गया था, लेकिन उस समय इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी ताकि दूसरे ऑपरेशन की सुरक्षा से समझौता न हो।
अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ता
ट्रंप ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य इतिहास में यह पहली बार है जब दुश्मन के इलाके में फंसे दो अलग-अलग पायलटों को अलग-अलग अभियानों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ता और यह सिद्धांत हर हाल में कायम रहेगा।
Pilot Rescue Operation : इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम ने ईरान के हवाई क्षेत्र में अमेरिका की जबरदस्त बढ़त और एयर डॉमिनेंस को साबित कर दिया है। उन्होंने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे बेहतरीन, पेशेवर और खतरनाक सेना बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और सभी नागरिकों—चाहे वे किसी भी राजनीतिक विचारधारा से हों—को इस पर एकजुट होकर गर्व करना चाहिए।
देशवासियों को ईस्टर की शुभकामनाएं दीं
अंत में ट्रंप ने देशवासियों को ईस्टर की शुभकामनाएं भी दीं और भगवान से अमेरिका तथा उसके सैनिकों की रक्षा की प्रार्थना की।
वहीं, ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, एफ-15ई विमान को सेंट्रल ईरान के ऊपर निशाना बनाया गया था और आशंका है कि यह कोगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत में गिरा। हालांकि, इस संबंध में ईरानी अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।







