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Student Protest : “छात्रों पर लाठी, सरकार पर सवाल” : लोकसभा में गौरव गोगोई का तीखा हमला, गृह मंत्री से मांगा जवाब

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नई दिल्ली, 28 जुलाई। Student Protest : लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया और कहा कि इस घटना ने लोकतंत्र की आत्मा को झकझोर दिया है। गोगोई ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और महिलाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देश कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने पूरे मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब देने की मांग की।

“भविष्य बचाने निकले थे छात्र, मिला लाठीचार्ज”

Student Protest : गौरव गोगोई ने कहा कि जंतर-मंतर पर एकत्र हुए छात्र अपने अधिकारों और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहे थे। उनके अनुसार, माता-पिता अपने बच्चों को आशीर्वाद देकर इस उम्मीद के साथ प्रदर्शन में भेज रहे थे कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचेगी और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं पर कार्रवाई होगी। लेकिन इसके बजाय प्रदर्शनकारियों को पुलिस की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार ने संवाद की जगह बल प्रयोग का रास्ता चुना।

पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद ने सदन में दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने एक छात्रा को थप्पड़ मारा, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनके कपड़े तक फाड़े गए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं।

गोगोई ने सरकार से पूछा कि आखिर किसके आदेश पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इतना कठोर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को सदन में आकर स्पष्ट करना चाहिए कि पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल की अनुमति किस स्तर से दी गई थी।

शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा

Student Protest : एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर बोलते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार करने के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले भी सरकार ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024’ लेकर आई थी। उस समय भी दावा किया गया था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। लेकिन इसके बावजूद यूजीसी और नीट-2024 जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए। इससे स्पष्ट होता है कि केवल कानून बनाने से व्यवस्था नहीं सुधरती, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन की भी आवश्यकता होती है।

प्रधानमंत्री और पूर्व शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना

गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था की गंभीर समस्याओं पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में शिक्षा सुधार, पेपर लीक, कोचिंग माफिया और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी हमला बोला और कहा कि उनके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही। गोगोई ने दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने आत्महत्या की और इसके पीछे शिक्षा व्यवस्था की खामियां भी एक बड़ा कारण रही हैं।

“इस्तीफे के बाद हुआ ऐसा स्वागत, मानो युद्ध जीतकर लौटे हों”

सदन में बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर पहुंचे तो भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत ऐसे किया, मानो वे किसी बड़ी जंग में जीत हासिल कर लौटे हों। गोगोई ने इसे सरकार की राजनीतिक सोच का उदाहरण बताते हुए कहा कि जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार अपने नेताओं का महिमामंडन करने में व्यस्त है।

एनटीए चेयरमैन की भूमिका पर भी उठाए सवाल

Student Protest : गौरव गोगोई ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के शीर्ष अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार विवाद सामने आने के बावजूद केवल महानिदेशक (डीजी) को बदला गया, जबकि चेयरमैन को उनके पद पर बनाए रखा गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि एनटीए चेयरमैन की पृष्ठभूमि और पूर्व कार्यकाल की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लानी है तो शीर्ष स्तर पर भी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।

छात्रों के समर्थन में आगे आए लोगों का जताया आभार

अपने भाषण के दौरान गौरव गोगोई ने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने आंदोलनरत छात्रों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों के प्रबंधन से जुड़े लोगों, वकीलों, सामाजिक संगठनों और स्विगी के माध्यम से प्रदर्शनकारियों तक भोजन पहुंचाने वाले नागरिकों ने कठिन समय में छात्रों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह समर्थन इस बात का प्रमाण है कि देश का समाज छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है।

“युवाओं की पीड़ा समझे सरकार”

अपने संबोधन के अंत में गौरव गोगोई ने कहा कि आज देश का युवा अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की आवाज को विरोध नहीं, बल्कि सुधार के अवसर के रूप में देखे। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और भरोसा कायम नहीं किया गया तो इसका सबसे बड़ा नुकसान देश के युवाओं और भविष्य को होगा।

उन्होंने दोहराया कि छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। गोगोई ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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