ओम वर्मा, नयी दिल्ली । Nitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के एलान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां समर्थक इसे उनके लंबे अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर उपयोग करने का अवसर मान रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात बता रहा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
Nitish Kumar : कांग्रेस का हमला: ‘जो कहा था, वही अब सच हुआ’
कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि बिहार चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस जिस आशंका को बार-बार जता रही थी, वही अब सही साबित होती दिख रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत बिहार की सत्ता में बदलाव किया गया है। उनके अनुसार यह कदम कई मायनों में जनता के जनादेश के साथ बड़ा विश्वासघात है।
राजद ने भाजपा पर साधा निशाना
Nitish Kumar :बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रवक्ता कंचना यादव ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जदयू के शीर्ष पदों पर ऐसे लोगों को बैठाया गया, जो भाजपा के करीब थे, और अब वही लोग मुख्यमंत्री पद को भाजपा के पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
पप्पू यादव की अपील, बिहार की राजनीति को नया रास्ता दें
Nitish Kumar : पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कई क्षेत्रीय नेताओं से अपील की कि वे एकजुट होकर बिहार की राजनीति को नई दिशा दें।
उन्होंने सुझाव दिया कि मांझी, चिराग, लालू और उपेंद्र जैसे नेता मिलकर निशांत कुमार को बिना शर्त समर्थन दें और उन्हें मुख्यमंत्री बनाएं। उनका मानना है कि ऐसा कदम बिहार की राजनीति में बड़ा संदेश दे सकता है और राज्य की राजनीतिक दिशा बदल सकता है।
दो दशक का शासन, अब संसद की ओर कदम
Nitish Kumar : गौरतलब है कि नीतीश कुमार करीब 21 वर्षों से बिहार के मुख्यमंत्री हैं और वर्ष 2025 में उन्होंने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसी के साथ वे राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन चुके हैं।
अब लगभग दो दशक बाद वे राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए संसद की ओर कदम बढ़ाने की तैयारी में हैं। गुरुवार को उन्होंने सार्वजनिक रूप से राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा व्यक्त की।
नीतीश कुमार की दलील, संसद के दोनों सदनों में रहने की इच्छा
Nitish Kumar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जब उन्होंने संसदीय जीवन की शुरुआत की थी, तभी से उनके मन में यह इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें।
उन्होंने लिखा कि इसी इच्छा को आगे बढ़ाते हुए इस बार के चुनाव में वह राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं।
राजनीति के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?
Nitish Kumar : राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो यह सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि बिहार की राजनीति में नई नेतृत्व संरचना और नई रणनीति की शुरुआत भी हो सकती है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और इस फैसले का राज्य के सत्ता समीकरण पर क्या असर पड़ता है।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







