रांची, 10 अगस्त। JPSC JSSC Protest : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को भी तेज रहा। विधानसभा घेराव के लिए बड़ी संख्या में राजधानी पहुंचे छात्रों ने पुलिस की एक के बाद एक आठ बैरिकेडिंग पार कर ली। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों के तेवर नरम नहीं पड़े।
वाटर कैनन की तेज धार के बीच भी छात्र नारे लगाते रहे। हालात उस समय कुछ अलग ही नजर आए, जब पानी की बौछारों के बीच कुछ प्रदर्शनकारी पीछे हटने के बजाय झूमते और नारे लगाते दिखाई दिए। आंदोलन का यह दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
पानी की बौछारें और नारों की गूंज, प्रदर्शन का दिखा अलग रंग
JPSC JSSC Protest : विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने लगातार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज धार के सामने प्रदर्शनकारियों के कदम रोकने की कोशिश की गई, लेकिन कई छात्र डटे रहे। कुछ प्रदर्शनकारी पानी में भीगते हुए नारे लगाते और झूमते दिखाई दिए।
पुलिस की कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम होता नजर नहीं आया। कई छात्र वाटर कैनन की धार के सामने खड़े होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे। इस दौरान आंदोलन का माहौल कुछ देर के लिए ऐसा बन गया, मानो छात्र विरोध प्रदर्शन के बीच ही बारिश का आनंद लेते हुए ‘रेन डांस’ कर रहे हों।
हालांकि, प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और आगे नहीं बढ़ने की अपील करता रहा। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने को कहा।
आठ बैरिकेड पार, अब विधानसभा की ओर बढ़ता हुजूम
प्रदर्शन की शुरुआत पुराने विधानसभा परिसर के पास लगाए गए पहले बैरिकेड से हुई थी। छात्रों ने वहां पुलिस की पहली बाधा पार की और इसके बाद लगातार आगे बढ़ते रहे। देखते ही देखते उन्होंने एक के बाद एक कई बैरिकेडिंग तोड़ दी।
आठवीं बैरिकेडिंग पार करने के बाद प्रदर्शनकारी कई समूहों में बंट गए। कुछ छात्र विधानसभा की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पुलिस उन्हें रोकने में जुटी हुई है। इस वजह से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
24 जिलों से राजधानी पहुंचे हजारों छात्र
JPSC JSSC Protest : इस आंदोलन में झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र राजधानी रांची पहुंचे हैं। राज्य के 24 जिलों से आए हजारों छात्र हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग से जुड़ा है।
प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा सहित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से अभ्यर्थियों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ा है।
रात में ही रांची पहुंचने लगे थे छात्र
सोमवार के विधानसभा घेराव की तैयारी रविवार से ही शुरू हो गई थी। राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्र बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से रांची पहुंचते रहे। बड़ी संख्या में छात्रों ने रविवार रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों में रात गुजारी।
सुबह होते ही छात्रों की भीड़ बढ़ने लगी और देखते ही देखते आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया। हाथों में तिरंगा और पोस्टर लिए छात्र अपने-अपने समूहों के साथ विधानसभा की ओर बढ़ने लगे।
राजधानी के कई इलाकों में छात्रों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। पुलिस और प्रशासन पहले से ही इस प्रदर्शन को लेकर सतर्क थे।

सरकार से तीसरे दौर की बातचीत भी नहीं निकली राह
छात्र आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं। रविवार को दोनों पक्षों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई, लेकिन बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।
वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया। इसके बाद सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर प्रशासन लगातार प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
विधानसभा के साथ मुख्यमंत्री आवास भी बना प्रदर्शन का केंद्र
छात्र आंदोलन के बीच झारखंड की राजनीति भी गर्म हो गई। भारतीय जनता पार्टी ने भी मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में भाजपा विधायकों की बैठक हुई। इसके बाद भाजपा विधायक और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े।
करीब 9:45 बजे हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बाबूलाल मरांडी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इस घटनाक्रम ने राजधानी में राजनीतिक और छात्र आंदोलन—दोनों मोर्चों पर हलचल बढ़ा दी।
राजधानी में सुरक्षा का घेरा और प्रशासन की बड़ी चुनौती
JPSC JSSC Protest : रांची में विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोकना और साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
ड्रोन के जरिए भीड़ की निगरानी की जा रही है। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैनात हैं। बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों के रास्ते को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन छात्रों के लगातार आगे बढ़ने से प्रशासन के सामने स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। आठ बैरिकेड पार कर चुके छात्रों के तेवर से साफ है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
मांगों पर अड़े छात्र, आगे क्या?
फिलहाल रांची में छात्र आंदोलन और प्रशासन के बीच आमना-सामना जारी है। एक तरफ छात्र परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं की जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन उन्हें विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोकने में जुटा है।
वाटर कैनन के इस्तेमाल के बावजूद छात्रों का प्रदर्शन जारी रहना इस आंदोलन की तीव्रता को दर्शाता है। पानी की धार के बीच नारे लगाते और झूमते छात्रों का दृश्य इस पूरे प्रदर्शन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गया है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का अगला दौर क्या कोई समाधान निकाल पाता है या फिर विधानसभा घेराव का यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेता है।







