Haryana Bank Fraud :सभी विभागों को तत्काल निर्देश
नई दिल्ली, 22 फरवरी। Haryana Bank Fraud : हरियाणा सरकार ने लगभग 590 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद बड़ा फैसला लेते हुए IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को तत्काल प्रभाव से सरकारी कार्यों से डि-एम्पैनल कर दिया है।
सरकार के आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, अगले आदेश तक ये दोनों बैंक हरियाणा में किसी भी प्रकार का सरकारी लेन-देन नहीं कर सकेंगे।
राज्य के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इन बैंकों में किसी भी प्रकार का नया जमा, निवेश या वित्तीय लेन-देन तुरंत बंद करें।
साथ ही, संबंधित विभागों को इन बैंकों में मौजूद शेष राशि को तुरंत अन्य अधिकृत बैंकों में स्थानांतरित कर खाते बंद करने को कहा गया है।
एफडी नियमों में चूक से हुआ नुकसान
Haryana Bank Fraud :वित्त विभाग ने सावधि जमा (एफडी) संबंधी निर्देशों के पालन में गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत किया है।
बताया गया है कि जिन धनराशियों को फ्लेक्सी डिपॉजिट या अधिक ब्याज वाली एफडी योजनाओं में रखा जाना था, उन्हें कथित तौर पर बचत खातों में रखा गया। इससे राज्य सरकार को अपेक्षित ब्याज नहीं मिला और वित्तीय नुकसान हुआ।
31 मार्च 2026 तक पूरा होगा मिलान
Haryana Bank Fraud : सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि:
- स्वीकृत जमा शर्तों का कड़ाई से पालन करें
- बैंकों द्वारा अनुपालन की नियमित जांच करें
- हर महीने खातों का मिलान (रीकंसिलिएशन) सुनिश्चित करें
- किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्ट दें
सभी खातों का मिलान 31 मार्च 2026 तक पूरा करने और 4 अप्रैल 2026 तक प्रमाणित अनुपालन रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
चंडीगढ़ शाखा से जुड़ा मामला
Haryana Bank Fraud : दरअसल, IDFC First Bank ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में खुलासा किया कि उसकी चंडीगढ़ शाखा के माध्यम से संचालित हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में लगभग 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला है।
प्रारंभिक जांच में शाखा के कुछ कर्मचारियों द्वारा अनधिकृत और धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधियों के संकेत मिले हैं। अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया गया है।
कैसे खुला मामला?
Haryana Bank Fraud :यह मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद कर शेष राशि दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया।
प्रक्रिया के दौरान खाते में दर्ज राशि और वास्तविक शेष में अंतर पाया गया। 18 फरवरी से अन्य सरकारी खातों में भी इसी तरह की विसंगतियां सामने आईं।
चार अधिकारी निलंबित, फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश
Haryana Bank Fraud :मामले की जांच लंबित रहने तक चार बैंक अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
बैंक ने कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक, दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही संदिग्ध खातों में शेष राशि पर रोक लगाने के लिए लाभार्थी बैंकों को रिकॉल अनुरोध भेजे गए हैं।वैधानिक ऑडिटरों को सूचित किया गया है। इस मामले की स्वतंत्र एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाएगा।
बैंक के अनुसार, यह मामला केवल चंडीगढ़ शाखा द्वारा संचालित हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों तक सीमित है और अन्य ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
आगे की जांच में तय होगी अंतिम राशि
Haryana Bank Fraud : पहचाने गए खातों में कुल मिलानाधीन राशि लगभग 590 करोड़ रुपये आंकी गई है। अंतिम राशि आगे की विस्तृत जांच और संभावित वसूली के बाद तय होगी।
हरियाणा सरकार की इस सख्त कार्रवाई को वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।







