India AI Summit : 89 देशों का समर्थन, मानव-केंद्रित एआइ पर जोर
नई दिल्ली, 22 फरवरी। India AI Summit : राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआइ इम्पैक्ट समिट 2026’ का भव्य समापन ‘नई दिल्ली घोषणा’ को अपनाने के साथ हुआ। इस ऐतिहासिक घोषणा को 89 देशों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला, जिससे वैश्विक एआइ सहयोग को नई दिशा मिली है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि घोषणापत्र पर हस्ताक्षर पूरे हो चुके हैं और दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानव-केंद्रित एआइ दृष्टिकोण का समर्थन किया है।
यह घोषणा “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य एआई के संसाधनों और लाभों को समान रूप से पूरी मानवता तक पहुंचाना है।
वैश्विक एआइ सहयोग के सात स्तंभ
‘नई दिल्ली घोषणा’ सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
- एआइ संसाधनों का लोकतंत्रीकरण
- आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई
- सुरक्षित और भरोसेमंद एआइ
- विज्ञान के लिए एआइ
- सामाजिक सशक्तिकरण
- मानव पूंजी विकास
- ऊर्जा-कुशल और लचीली एआइ प्रणाली
नई वैश्विक पहलें हुई लॉन्च
India AI Summit : समिट के दौरान कई अहम पहलें सामने आईं:
- एआइ संसाधनों तक समान पहुंच के लिए चार्टर
- ग्लोबल एआइ इम्पैक्ट कॉमन्स मंच की शुरुआत, जो एआइ के सफल उपयोग मामलों को बढ़ावा देगा
- भरोसेमंद एआइ कॉमन्स की स्थापना का प्रस्ताव, जहां सुरक्षित एआइ सिस्टम के लिए टूल्स और बेंचमार्क साझा किए जाएंगे
- विज्ञान संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय एआइ नेटवर्क
- सामाजिक सशक्तीकरण हेतु एआइ प्लेटफॉर्म
- एआई श्रम शक्ति विकास और रीस्किलिंग सिद्धांत
एआइ : आर्थिक विकास का नया इंजन
India AI Summit : घोषणा में एआइ को वैश्विक आर्थिक वृद्धि का प्रमुख चालक बताया गया। ओपन-सोर्स और सुलभ एआइ इकोसिस्टम, ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर और शासन में एआइ के उपयोग को बढ़ाने पर बल दिया गया।
सम्मेलन में शामिल देशों ने स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी ढांचे के माध्यम से साझा वैश्विक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
एक ऐतिहासिक मील का पत्थर
India AI Summit : ‘इंडिया एआइ इम्पैक्ट समिट 2026’ को वैश्विक एआइ सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि एआइ आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण का सशक्त माध्यम बनेगा।







