Gandhi Martyrdom Day : विकसित भारत की राह में बापू का दर्शन: पीएम मोदी
नई दिल्ली, 30 जनवरी। Gandhi Martyrdom Day : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बापू के आदर्श एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा— “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का स्वदेशी पर विशेष बल था, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर निरंतर प्रेरित करता रहेगा।”
अहिंसा की शक्ति से बदली जा सकती है दुनिया
Gandhi Martyrdom Day : पीएम मोदी ने अपने संदेश में महात्मा गांधी के अहिंसा के दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा को सर्वोपरि माना। उन्होंने लिखा कि अहिंसा वह शक्ति है, जो बिना हथियार के भी दुनिया को बदल सकती है।
प्रधानमंत्री ने श्लोक उद्धृत करते हुए कहा—
“अहिंसा परमो धर्मः, अहिंसा परमं तपः। अहिंसा परमं सत्यं, यतो धर्मः प्रवर्तते।”
गांधी के आदर्श आज भी विश्व को राह दिखाते हैं : पीयूष गोयल
Gandhi Martyrdom Day : केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा और सद्भाव के उनके आदर्श न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता का मार्ग दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि गांधी का जीवन सेवा, समर्पण और नैतिक साहस की प्रेरणा देता रहेगा।
स्वच्छता को स्वराज की आधारशिला बताया : ज्योतिरादित्य सिंधिया
Gandhi Martyrdom Day : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सत्य, करुणा और अहिंसा के पथप्रदर्शक महात्मा गांधी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि बापू ने स्वच्छता को स्वराज की नींव माना था और देशवासियों से स्वच्छ भारत के संकल्प के साथ उनके सपनों का भारत बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि : एक स्वर में बापू को नमन
Gandhi Martyrdom Day : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा और एकता के माध्यम से मानवता की सेवा का अनुकरणीय उदाहरण है।
वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गांधी जी का जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रसेवा का अमर संदेश है, जो देश को न्याय, समरसता और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक
पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर के नेताओं के संदेशों से स्पष्ट हुआ कि महात्मा गांधी के विचार आज भी उतने ही जीवंत और मार्गदर्शक हैं, जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे।







