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Burqa Ban Demand : बुर्का बैन की मांग पर गरमाई राजनीति, दलवई बोले— महिलाओं के पहनावे पर सियासत दुर्भाग्यपूर्ण

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Burqa Ban Demand: Hussain Dalwai Calls It a Plot to Divide Society

मुंबई, 18 दिसंबर। Burqa Ban Demand : बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े एक घटनाक्रम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की मांग तेज हो गई है। इस मांग पर महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे समाज को विभाजित करने की साजिश करार दिया है।

हुसैन दलवई ने गुरुवार को कहा कि हाल के दिनों में जानबूझकर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना और लोगों के बीच तनाव पैदा करना है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में महिलाओं से जुड़ी परंपराओं और पहनावे को लेकर बार-बार विवाद खड़ा किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है।

दलवई ने कहा— “आजकल इस तरह की मांगें बार-बार उठाई जा रही हैं। समाज में अशांति फैलाने और लोगों को बांटने के लिए सोच-समझकर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। महिलाओं के पहनावे को लेकर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

गिरिराज सिंह के बयान पर हमला

Burqa Ban Demand :  कांग्रेस नेता ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा था कि नियुक्ति पत्र या पासपोर्ट बनवाने के समय चेहरा दिखाना जरूरी होता है और कानून का राज देश में लागू है।

हुसैन दलवई ने कहा कि इस तरह के बयान बेहद आपत्तिजनक हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा— “जिस महिला के बारे में इस तरह की बातें कही जा रही हैं, वह भी किसी की बहन या बेटी है। क्या ऐसे बयान देने वाले लोग अपनी पत्नी या बहन के बारे में भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल करेंगे? मैं तो ऐसा कभी नहीं करूंगा।”

बुर्का बैन की मांग पर विपक्ष का विरोध

Burqa Ban Demand :  विहिप की बुर्का बैन की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी कड़ा ऐतराज जताया है। सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि भारत संविधान के अनुसार चलने वाला एक लोकतांत्रिक और स्वतंत्र देश है।

उन्होंने कहा— “हम एक आज़ाद देश के नागरिक हैं और हमारे अधिकार संविधान ने तय किए हैं। कोई भी यह तय नहीं कर सकता कि हमें कैसे रहना चाहिए, क्या पहनना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए। किसी संगठन या व्यक्ति को ऐसा अधिकार नहीं है।”

इकरा हसन ने आगे कहा कि हर नागरिक को अपने जीवन और आस्थाओं के अनुसार जीने की स्वतंत्रता है और किसी पर जबरन नियंत्रण थोपना संविधान के खिलाफ है।

जावेद अख्तर ने हिजाब विवाद पर जताई नाराज़गी

Burqa Ban Demand :  दूसरी ओर, प्रसिद्ध फिल्म लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब हटाने के विवाद पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री से संबंधित महिला से बिना शर्त माफी की मांग की है।

जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें जानने वाले लोग अच्छी तरह जानते हैं कि वे पर्दा प्रथा के विरोधी हैं। हालांकि, इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि किसी महिला के साथ जबरदस्ती या अपमानजनक व्यवहार को सही ठहराया जा सकता है।

उन्होंने लिखा कि बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के साथ किया गया व्यवहार किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। जावेद अख्तर ने कहा कि वे इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबंधित महिला से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

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