पटना, 18 दिसंबर। Vijay Sinha Warning : बिहार के उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और लगन से काम करने वाले अधिकारियों को सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाएगा, लेकिन जो अधिकारी विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
पटना स्थित ज्ञान भवन में आयोजित एक दिवसीय भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला में राज्यभर के अपर समाहर्ता (राजस्व), उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान डिप्टी सीएम ने विभागीय कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए कई अहम निर्देश दिए।
भूमि सेवाओं को बनाएं सरल और पारदर्शी
Vijay Sinha Warning : विजय सिन्हा ने अधिकारियों से कहा कि भूमि से जुड़ी सभी सेवाओं को ऑनलाइन, सरल और जनसुलभ बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने दो टूक कहा कि अंचल कार्यालयों को भू-माफिया और दलालों से पूरी तरह मुक्त किया जाए और विभाग को स्वच्छ, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जनता के बीच प्रशासन की सकारात्मक छवि बने और लोगों को समय पर न्याय मिले।
अब जनता से सीधे लिया जाएगा फीडबैक
Vijay Sinha Warning : डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि अब विभागीय कार्यों का मूल्यांकन केवल वरिष्ठ अधिकारियों की रिपोर्ट पर नहीं, बल्कि सीधे आम जनता के फीडबैक के आधार पर भी किया जाएगा। इसलिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की हिदायत दी गई।
फर्जी दस्तावेजों की पहचान कर तत्काल संबंधित समाहर्ता और विभाग को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए।
शिकायतों के निपटारे पर विशेष जोर
Vijay Sinha Warning : जन-शिकायतों को गंभीरता से लेने के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में शिकायत पेटी लगाने का निर्देश दिया गया है, जिसे केवल अंचलाधिकारी ही खोलेंगे। साथ ही, सभी अंचलों को अपने कार्यों से संबंधित विस्तृत विवरण 31 दिसंबर तक उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिसके लिए 15 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
अच्छे काम पर सम्मान, लापरवाही पर सजा
Vijay Sinha Warning : विजय सिन्हा ने कहा— “जो अधिकारी और कर्मचारी उत्कृष्ट कार्य करेंगे, उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा और उनके स्थानांतरण व पदस्थापन में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, जानबूझकर कार्य लंबित रखने या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”







