'एन पी एन लाइव'

Ayurvidya Program : पौधों में सेहत का खजाना, दुबे टोला स्कूल में आयुर्विद्या ने बच्चों को सिखाया स्वस्थ जीवन का मंत्र

SHARE:

Ayurvidya Program: Herbal Plant Plantation at School

मोतिहारी, 8 अक्टूबर। Ayurvidya Program


आयुर्विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय, दुबे टोला में स्वास्थ्य, योग, आयुर्वेद और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों, उनके महत्व और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में विभिन्न औषधीय पौधों का पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, प्राकृतिक जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। इसके अलावा राजकीय मध्य विद्यालय सह हाई स्कूल नौवाडीह में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने बताया कि आयुर्वेद में पेड़-पौधों और जड़ी-बूटियों का विशेष महत्व है। प्रकृति में मौजूद अनेक पौधों का उपयोग परंपरागत रूप से स्वास्थ्य संरक्षण और विभिन्न प्रकार की सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। विद्यार्थियों को बताया गया कि औषधीय पौधों की पहचान, उनके संरक्षण और उनके महत्व की जानकारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी है।

Ayurvidya Program: Herbal Plant Plantation at School

विद्यार्थियों को औषधीय पौधों के महत्व की दी गई जानकारी

Ayurvidya Program :  कार्यक्रम में आयुष मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केएल प्रसाद ने औषधीय पौधों के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनका महत्व केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है। अनेक पौधे औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं और आयुर्वेद में उनका लंबे समय से उपयोग होता आया है।

डॉ. केएल प्रसाद ने विद्यार्थियों को पौधों के संरक्षण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यदि विद्यालयों और घरों के आसपास अधिक से अधिक उपयोगी पौधे लगाए जाएं और उनकी उचित देखभाल की जाए तो इससे पर्यावरण को लाभ मिलने के साथ-साथ लोगों को औषधीय पौधों के बारे में व्यावहारिक जानकारी भी प्राप्त होगी।

उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बच्चों से पौधों को अपने परिवार के सदस्य की तरह संरक्षण देने और उनके विकास पर ध्यान देने की अपील की।

Ayurvidya Program: Herbal Plant Plantation at School

विद्यालय परिसर में किया गया पौधारोपण

Ayurvidya Program :  आयुर्विद्या कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए गए। पौधारोपण कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, विशिष्ट शिक्षकों और अन्य उपस्थित लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पौधों की उपयोगिता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

आयोजकों ने बताया कि विद्यालय परिसर में औषधीय पौधों का रोपण विद्यार्थियों के लिए एक तरह की जीवंत पाठशाला के रूप में काम करेगा। बच्चे इन पौधों को देखकर उनकी पहचान और उपयोगिता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनमें प्रकृति के प्रति लगाव और पर्यावरण के संरक्षण की भावना भी विकसित होगी।

योग और स्वस्थ जीवनशैली पर भी हुई चर्चा

Ayurvidya Program :  कार्यक्रम में केवल औषधीय पौधों और पौधारोपण तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि उपस्थित लोगों और विद्यार्थियों को योग के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग और संतुलित दिनचर्या स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण अंग हैं।

विद्यार्थियों को योग को अपनी दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि नियमित रूप से योग और शारीरिक गतिविधियों को अपनाने से शरीर को सक्रिय रखने और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान योग के विभिन्न पहलुओं और दैनिक जीवन में इसके महत्व को सरल तरीके से समझाया गया। बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया गया।

Ayurvidya Program: Herbal Plant Plantation at School

दिनचर्या और ऋतुचर्या की भी दी गई जानकारी

Ayurvidya Program : आयुर्विद्या कार्यक्रम में दिनचर्या और ऋतुचर्या जैसे आयुर्वेद से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को बताया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए नियमित और संतुलित दिनचर्या का पालन करना आवश्यक है।

इसी क्रम में ऋतु के अनुसार खान-पान और जीवनशैली में आवश्यक बदलाव के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के साथ शरीर की आवश्यकताओं में भी बदलाव होता है। ऐसे में मौसम के अनुरूप जीवनशैली अपनाना स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।

कार्यक्रम में बच्चों को समय पर भोजन, पर्याप्त आराम, स्वच्छता, नियमित शारीरिक गतिविधि और अनुशासित दिनचर्या के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।

Ayurvidya Program: Herbal Plant Plantation at School

स्वास्थ्य और प्रकृति के बीच संबंध समझाया

Ayurvidya Program :  कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्वास्थ्य और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ वातावरण व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। पेड़-पौधे वातावरण को बेहतर बनाने में भूमिका निभाते हैं और मानव जीवन के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों का हिस्सा हैं।

औषधीय पौधों के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि हमारे आसपास मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि पौधों की उपयोगिता के बारे में बचपन से ही जानकारी दी जाए तो बच्चों में पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित की जा सकती है।

चिकित्सकों और शिक्षकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

Ayurvidya Program :  कार्यक्रम में जिला स्तर से डॉ. केएल प्रसाद, आयुष मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं पहाड़पुर से आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, पहाड़पुर डॉ पीके मिश्रा , प्राचार्य एवं शिक्षकगण ने कार्यक्रम के आयोजन में अपनी भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, योग, औषधीय पौधों और जीवनशैली से जुड़े विषयों की जानकारी दी। शिक्षकों ने बच्चों को कार्यक्रम में बताई गई बातों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

बड़ी संख्या में शिक्षक और स्थानीय लोग रहे मौजूद

Ayurvidya Program :  आयुर्विद्या कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा विशिष्ट शिक्षकों और अन्य गणमान्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विशिष्ट शिक्षिका खुशबू कुमारी, प्रदीप कुमार, सुजीत कुमार, आनंद कुमार, विद्यालय प्राध्यापक आनंद कुमार, आलोक कुमार प्रसाद, संतोष कुमार गुप्ता और देवेंद्र कुमार मिश्रा मौजूद रहे।

इसके अलावा चंपारण दर्शन न्यूज के संपादक संजय सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में विशिष्ट शिक्षक शांतनु कुमार द्विवेदी, राजेश प्रसाद साह, आनंद वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। जिला संयोजक डॉ जनार्दन प्रसाद सिंह, जिला देसी चिकित्सा पदाधिकारी की कार्यक्रम में विशेष सहभागिता रही।

विद्यार्थियों में दिखा उत्साह

Ayurvidya Program :  विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में भी उत्साह देखने को मिला। औषधीय पौधों के बारे में जानकारी मिलने के साथ ही बच्चों ने पौधारोपण गतिविधि में रुचि दिखाई। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि पेड़-पौधों की देखभाल करना और प्रकृति को सुरक्षित रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक रूप से प्रकृति, स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ना भी है। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए औषधीय पौधों की पहचान और उनके महत्व को समझने का माध्यम बनेंगे।

आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर

आयुर्विद्या कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक संसाधनों और संतुलित जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल उपचार पर निर्भर रहने के बजाय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना, नियमित दिनचर्या अपनाना, योग करना और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

राजकीय मध्य विद्यालय, दुबे टोला में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पौधों की देखभाल करने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेने पर जोर दिया।

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पढ़ी गई