ढाका, 6 जनवरी। Bangladesh Minority Violence : बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं चिंताजनक स्तर तक बढ़ती जा रही हैं। ताजा घटनाक्रम में महज 24 घंटे के भीतर दो हिंदू नागरिकों की अलग-अलग स्थानों पर हत्या कर दी गई, जिससे देश भर में अल्पसंख्यक समुदाय में भय और आक्रोश का माहौल है।
Bangladesh Minority Violence : पहली घटना नरसिंदी जिले की
पहली घटना राजधानी ढाका के नजदीक स्थित नरसिंदी जिले की है। यहां पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में किराना दुकान चलाने वाले 40 वर्षीय सरत चक्रवर्ती मणि की सोमवार रात बेरहमी से हत्या कर दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, सरत चक्रवर्ती रोज की तरह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से अचानक हमला कर दिया।
बांग्लादेशी साप्ताहिक पत्रिका ब्लिट्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में सरत चक्रवर्ती गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस हमले के पीछे किसी कट्टरपंथी धार्मिक समूह की भूमिका हो सकती है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मोनिरामपुर उपजिला में दूसरी घटना
Bangladesh Minority Violence : दूसरी घटना बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी जशोर जिले के मोनिरामपुर उपजिला में सामने आई। यहां 38 वर्षीय हिंदू व्यवसायी राणा प्रताप बैरागी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। राणा प्रताप बैरागी कपालिया बाजार में बर्फ बनाने की एक फैक्ट्री के मालिक थे और साथ ही नारायल से प्रकाशित बांग्लादेशी अखबार दैनिक बीडी खबर के कार्यकारी संपादक भी थे।
मोटरसाइकिल से आए थे हमलावर
Bangladesh Minority Violence :बंगाली दैनिक प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार शाम करीब 5:45 बजे तीन हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने राणा प्रताप को बाहर बुलाया और पास की एक गली में ले जाकर बेहद नजदीक से उनके सिर में गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए।
हत्या के कारणों की जांच
Bangladesh Minority Violence : मोनिरामपुर थाना के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रजिउल्लाह खान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जशोर अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
लगातार हो रहे हिंदुओं पर हमले
Bangladesh Minority Violence : गौरतलब है कि इन दो हत्याओं से पहले भी बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हिंसक हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। शनिवार को शरियतपुर जिले के दमूद्या उपजिला में खोकन चंद्र दास नामक एक हिंदू व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में 40 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या की गई थी।
इतना ही नहीं, 24 दिसंबर को 29 वर्षीय अमृत मंडल की भी भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की खबर सामने आई थी। वहीं 18 दिसंबर को 25 वर्षीय दीपु चंद्र दास को कथित तौर पर झूठे ईशनिंदा आरोप में भीड़ ने बेरहमी से मार डाला था। हत्या के बाद उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई थी, जिसने मानवाधिकार संगठनों को भी झकझोर कर रख दिया।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
Bangladesh Minority Violence : लगातार हो रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।







