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Trump Tariff Revenue : टैरिफ से अमेरिका को 600 अरब की कमाई, ट्रंप ने किया बड़ा दावा

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Trump Tariff Revenue Crosses $600 Billion, Claims US President

वॉशिंगटन, 5 जनवरी। Trump Tariff Revenue : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि उनकी सरकार की टैरिफ (आयात शुल्क) नीति के जरिए अमेरिका अब तक 600 अरब डॉलर से अधिक की आय हासिल कर चुका है। आने वाले समय में यह आंकड़ा और बढ़ेगा। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ ने न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी पहले से अधिक सशक्त बनाया है।

Trump Tariff Revenue : अमेरिकी मीडिया पर निशाना साधा

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले से पहले मीडिया जानबूझकर टैरिफ से जुड़ी उपलब्धियों को नजरअंदाज कर रहा है। ट्रंप ने लिखा कि “हमने टैरिफ से 600 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई की है और आगे भी करेंगे, लेकिन फेक न्यूज मीडिया इस पर चर्चा नहीं कर रहा है, क्योंकि वे हमारे देश से नफरत करते हैं और सुप्रीम कोर्ट के आने वाले टैरिफ फैसले को प्रभावित करना चाहते हैं। यह फैसला अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक होगा।”

आर्थिक रूप से मिली मजबूती

Trump Tariff Revenue : ट्रंप ने आगे कहा कि उनकी टैरिफ नीति के कारण अमेरिका न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है, बल्कि वैश्विक मंच पर उसका सम्मान और प्रभाव भी बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि आयात पर शुल्क लगाने से घरेलू उद्योगों को संरक्षण मिला है और रणनीतिक क्षेत्रों में अमेरिका की आत्मनिर्भरता बढ़ी है।

टैरिफ को विदेश नीति का हथियार बना रहा ट्रंप प्रशासन

Trump Tariff Revenue :  जनवरी 2025 में सत्ता में वापसी के बाद ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ को राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के एक अहम उपकरण के रूप में अपनाया है। इसके तहत कई देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर भारी शुल्क लगाए गए हैं। इसी कड़ी में भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर भी 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया गया है, जिसे अमेरिका की सख्त व्यापार नीति के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत की रणनीति: निर्यात में विविधता पर जोर

Trump Tariff Revenue :  इस बीच, साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ के बाद भारत अब अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करने और अपने निर्यात को अन्य देशों तक फैलाने की रणनीति पर काम कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 50 प्रतिशत दंडात्मक आयात शुल्क लगाए जाने के बावजूद भारत ने इन टैरिफ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, हालांकि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के रास्ते खुले रखे गए हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। भारत अपने कुल वस्तु निर्यात का लगभग 18 प्रतिशत अमेरिका को भेजता है। इसमें कपड़ा, परिधान, चमड़ा और उससे जुड़े उत्पाद प्रमुख हैं, जिनकी खपत वहां मौजूद बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच भी काफी अधिक है।

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