अनुज श्रीवास्तव, पटना, 27 अक्टूबर। Patna Chhath : बिहार के लोक आस्था का महापर्व छठ में पिछले तीन दिनों से श्रद्धालु भक्ति भाव में हैं। क्या गरीब क्या अमीर सभी वर्ग छठी मइया के लिए समर्पित हैं। इसी क्रम में पटना में गंगा के किनारे लगभग 145 घाट, तालाबों और पार्कों में प्रशासन के तरफ से परवैतिनों को अर्ध्य देने के लिए पूरी सफाई व्यवस्था के साथ सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया।

पूरे भारत में पटना का छठ व्रत वैसे भी जगजाहिर है। इस अवसर पर शहर की तमाम सड़कें और गलियां चकाचक हैं। गंगा किनारे हजारों लोग अस्ताचलगामि भगवान भास्कर को अर्ध्य अर्पित किया। जो भक्त गंगा के घाट पर नहीं पहुंच सके वे तालाबों, पार्कों और अपने बिल्डिंग के छत पर ही अर्ध्य दिए।

छठ पूजा की महत्ता
Patna Chhath : छठ व्रत के संबंध में अनेक कहानियां प्रचलित हैं। जैसे सूर्यवंशी राजा प्रियव्रत को संतान प्राप्ति के लिए छठ व्रत करना पड़ा था। महाभारत काल में पांडवों के सुख शांति के लिए द्रौपदी ने भी छठ पूजा किया था और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हुई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि लंका पर विजय पाने के बाद भगवान राम के अयोध्या आने के बाद माता सीता ने भी छठ पूजा की थी।

Patna Chhath : छठ व्रत के दिन औरतें कठिन उपवास रखकर दिनभर तैयारी में जुटी रहती हैं और अपने पति तथा अपने पुत्र और अपने परिवार की मंगल कामना की भगवान सूर्य देव एवं देवी षष्ठी से प्रार्थना करती हैं। यह व्रत बिहार,उत्तर प्रदेश सहित कई प्रान्तों तथा अन्य देश जैसे नेपाल में भी मनाया जाता है।







