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Yogi Attack : ममता दीदी की चिंता, हिंदू अधिक हुए तो सड़कों पर कैसे होगी इफ्तारी: सीएम योगी

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Yogi Attack on Mamata: CAA, Iftar Remark Sparks Political Row in Bengal

नदिया, 25 अप्रैल। Yogi Attack : पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बंगाल दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कई विवादित और सीधे आरोप लगाए, जिनमें नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध को लेकर भी उन्होंने ममता बनर्जी की मंशा पर सवाल खड़े किए।

लोकतांत्रित मूल्यों में विश्वास नहीं करती टीएमसी

Yogi Attack :  सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ममता बनर्जी ने सीएए का विरोध इसलिए किया, क्योंकि उन्हें इस बात की चिंता है कि अगर हिंदुओं की संख्या बढ़ गई तो सड़कों पर इफ्तार कार्यक्रम कैसे आयोजित होंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है। उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं करती और सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।

बंगाल की जनता अराजकता स्वीकार करने के मूड में नहीं

उन्होंने पहले चरण के मतदान के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं और उम्मीदवारों पर हमले किए गए, जो टीएमसी की ‘गुंडागर्दी’ को दर्शाता है। योगी ने कहा कि पूरे देश ने यह सब देखा है और अब जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को जब चुनाव परिणाम आएंगे, तब टीएमसी से जुड़े गुंडों को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी, क्योंकि बंगाल की जनता अब अराजकता को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

तो विकास कार्य दोगुनी गति से होंगे

सीएम योगी ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और टीएमसी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने वर्षों तक बंगाल को लूट, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के दलदल में धकेला है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि बंगाल इस कलंक से बाहर निकले और विकास की राह पर आगे बढ़े। उन्होंने भाजपा की ‘डबल इंजन सरकार’ का जिक्र करते हुए कहा कि अगर केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होगी, तो विकास कार्य दोगुनी गति से होंगे।

सभा को किया संबोधित

Yogi Attack :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नबद्वीप विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार श्रुति शेखर गोस्वामी के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत नबद्वीप की पवित्र भूमि को नमन करते हुए और संत चैतन्य महाप्रभु को श्रद्धांजलि अर्पित कर की। उन्होंने कहा कि यह भूमि आध्यात्मिक चेतना की प्रतीक रही है और यहां से भक्ति आंदोलन की एक बड़ी धारा प्रवाहित हुई थी।

योगी योगी के लगे नारे

भीषण गर्मी के बावजूद जनसभा में उमड़ी भीड़ को देखकर योगी ने लोगों के उत्साह की सराहना की। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने ‘योगी-योगी’ के नारे लगाए, जिससे सभा का माहौल पूरी तरह राजनीतिक जोश से भर गया। सीएम योगी ने इस समर्थन के लिए जनता का आभार जताया और पहले चरण में हुए मतदान में रिकॉर्ड भागीदारी के लिए मतदाताओं को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और टेरर, माफिया राज तथा भ्रष्टाचार से मुक्ति पाना चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव परिणाम आने पर पूरे बंगाल में भाजपा का परचम लहराएगा और नबद्वीप भी इससे अछूता नहीं रहेगा।

बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख

Yogi Attack :  योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चैतन्य महाप्रभु ने 500 वर्ष पहले ‘हरे कृष्णा, हरे रामा’ के संकीर्तन के माध्यम से दुनिया भर में भारतीय सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया था। आज भी इस्कॉन जैसे संगठन उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और विश्वभर में भारतीय संस्कृति का संदेश पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने बंगाल के महान संतों, स्वतंत्रता सेनानियों, समाज सुधारकों और वैज्ञानिकों को याद करते हुए कहा कि इस राज्य ने देश को बहुत कुछ दिया है, लेकिन दुर्भाग्यवश आज वही बंगाल अपनी पहचान के संकट से जूझ रहा है। उन्होंने इसके लिए टीएमसी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है और माफिया तंत्र हावी हो चुका है।

बंगाल में माफिया सक्रिय

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि बंगाल में भूमि, रेत और पशु तस्करी जैसे माफिया सक्रिय हैं और आम जनता को उनका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ता संजय भौमिक की हत्या का भी जिक्र किया और कहा कि दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे साफ है कि राज्य सरकार इन तत्वों के खिलाफ सख्ती बरतने में असफल रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई विकास योजनाओं की राशि भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है और आम लोगों तक उसका लाभ नहीं पहुंच पाता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अब बंगाल की जनता जागरूक हो चुकी है और जल्द ही इस स्थिति को बदलने का निर्णय लेगी।

सीएए का बचाव

सीएम योगी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का बचाव करते हुए कहा कि यह कानून उन लोगों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया है, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हुए हैं और भारत में शरण लेने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि यह कानून मानवता के आधार पर बनाया गया है, लेकिन टीएमसी ने इसका विरोध केवल राजनीतिक कारणों से किया।

उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सख्त है और वहां सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति धार्मिक गतिविधियों की इजाजत नहीं है। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में धार्मिक आयोजनों को लेकर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जाता है।

सीएम योगी ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि वह दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन और ‘जय श्री राम’ जैसे नारों का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि कोलकाता हाईकोर्ट को भी इस संबंध में हस्तक्षेप करना पड़ा था और प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश देने पड़े थे।

तो सड़कों पर आंदोलन होगा

Yogi Attack :  अपने संबोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल की भूमि पर मां काली और मां दुर्गा की पूजा को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने ऐसा करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सड़कों पर आंदोलन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में न तो गोमाता की हत्या होने दी जाएगी और न ही समाज को बांटने की राजनीति को बढ़ावा दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, इस जनसभा के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंगाल की राजनीति में एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की है, जिसमें उन्होंने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक स्थिरता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

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