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AAP Crisis : सांसदों के ‘दल बदल’ पर CM मान सख्त, रिकॉल की मांग लेकर जाएंगे राष्ट्रपति के पास

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AAP Crisis: CM Mann Seeks President Meeting Over Rajya Sabha MPs Exit

चंडीगढ़, 25 अप्रैल। AAP Crisis : पंजाब की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है और आम आदमी पार्टी (आप) में आई बड़ी टूट के बाद मामला अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने देश के राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा है। इस कदम को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री अपने दल के उन राज्यसभा सांसदों के मुद्दे को सीधे राष्ट्रपति के सामने उठाना चाहते हैं, जिन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़ दी है।

पंजाब के जनादेश का अपमान

AAP Crisis :  सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के अचानक पार्टी छोड़ने से काफी नाराज हैं। वे इस पूरे घटनाक्रम को न केवल पार्टी के साथ विश्वासघात मान रहे हैं, बल्कि इसे पंजाब के जनादेश का भी अपमान बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे राष्ट्रपति से मिलकर इन सांसदों को रिकॉल (वापस बुलाने) की प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

पंजाब के विधायक भी रह सकते हैं मौजूद

यह भी जानकारी सामने आई है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मुलाकात के दौरान अकेले नहीं होंगे, बल्कि उनके साथ आम आदमी पार्टी के पंजाब के विधायक भी मौजूद रह सकते हैं। इस प्रतिनिधिमंडल के जरिए वे यह दिखाने की कोशिश करेंगे कि पार्टी और उसके निर्वाचित प्रतिनिधि इस मुद्दे पर एकजुट हैं। उनका मुख्य उद्देश्य भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों को वापस बुलाने की मांग को संवैधानिक और नैतिक आधार पर प्रस्तुत करना है।

आम आदमी पार्टी में दरार

आम आदमी पार्टी में दरार उस समय खुलकर सामने आई जब पार्टी के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। इन नेताओं ने न केवल अपने इस्तीफे की घोषणा की, बल्कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का भी फैसला सार्वजनिक किया। इस दौरान राघव चड्ढा ने यह भी खुलासा किया कि उनके साथ हरभजन सिंह समेत चार अन्य राज्यसभा सांसद भी पार्टी छोड़ चुके हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ये सभी नेता भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया और उनका स्वागत किया। इसके साथ ही हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता जैसे अन्य सांसदों का भी भाजपा में स्वागत किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आम आदमी पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।

भगवंत मान ने कड़ा रुख अपनाया

AAP Crisis :  पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम पूरी तरह से निंदनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि वे न केवल पार्टी छोड़ने वालों की, बल्कि उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने वालों की भी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।

भाजपा पर किया हमला

मुख्यमंत्री मान ने अपने बयान में कहा, “पार्टी किसी भी व्यक्ति से बड़ी होती है। जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, वे अब पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते। जब उन्हें मेरे खिलाफ कोई मुद्दा नहीं मिला तो उन्होंने आम आदमी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की। भाजपा का यह पुराना तरीका रहा है कि वह दूसरी पार्टियों में तोड़फोड़ कर राजनीतिक लाभ उठाती है।”

पंजाब के लोग भावुक

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लोग बेहद भावुक और सच्चे दिल के होते हैं। वे सभी से प्यार करते हैं, लेकिन विश्वासघात को कभी नहीं भूलते। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा में शामिल हुए अधिकांश सांसद पंजाब से ताल्लुक नहीं रखते और उन्होंने केवल अपने निजी स्वार्थ के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ने या लोगों की समस्याओं को समझने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि उन्हें सीधे राज्यसभा भेजा गया था।

संवैधानिक कदम उठाएगी आप

भगवंत मान ने यह भी कहा कि ऐसे नेताओं का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है और आने वाले समय में उन्हें इसका जवाब भी मिलेगा। उन्होंने यह संकेत दिया कि उनकी सरकार और पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और हरसंभव संवैधानिक कदम उठाने के लिए तैयार है।

कुल मिलाकर, पंजाब की राजनीति में यह घटनाक्रम एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। जहां एक ओर आम आदमी पार्टी अपने संगठन को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा इस मौके को अपने विस्तार के रूप में देख रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राष्ट्रपति के साथ संभावित मुलाकात में मुख्यमंत्री भगवंत मान क्या रुख अपनाते हैं और इस पूरे मामले का आगे क्या राजनीतिक परिणाम निकलता है।

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