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Vote Theft Allegations : राष्ट्रपति ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर मांगे सबूत तो राहुल गांधी बोले- सबूत लेकर फिर आएंगे

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Vote Theft Allegations: Opposition Meets President Murmu

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर। Vote Theft Allegations


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में विजय चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में दस से अधिक नेता शामिल थे। मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बैठक के बारे में जानकारी दी।

विपक्षी नेताओं के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनकी बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और कथित वोट चोरी के आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा। विपक्ष ने दावा किया कि वह इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य एकत्रित कर रहा है, जिन्हें राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति के सामने अपनी चिंताएं रखीं और देश में कथित वोट चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनसे आरोपों के समर्थन में सबूत लाने को कहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने इस संबंध में सबूत एकत्रित किए हैं और उन्हें जल्द ही राष्ट्रपति के पास ले जाया जाएगा।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी मुलाकात को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने मामले की जांच करने और विवरण देखने की बात कही है। ममता बनर्जी के अनुसार, विपक्षी दल आवश्यक सबूत भेजेंगे और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद क्या बोले मल्लिकार्जुन खड़गे?

Vote Theft Allegations : राष्ट्रपति ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर मांगे सबूत तो राहुल गांधी बोले- सबूत लेकर फिर आएंगे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं ने मिलकर राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेता शामिल थे। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं से अवगत कराया।

खड़गे ने कहा, “आज हमारे गठबंधन दलों के सभी नेता, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य नेता राष्ट्रपति से मिले। राष्ट्रपति को हमने ज्ञापन सौंपा। पिछले चार दिनों से हम वोट चोरी के खिलाफ जो आंदोलन चला रहे हैं, उसके बारे में बताने के लिए हम राष्ट्रपति के पास गए थे।”

उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति के समक्ष अपनी बात रखी और कथित वोट चोरी से जुड़े आरोपों के बारे में जानकारी दी। खड़गे के अनुसार, विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय से जुड़ी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मांग की कि ईवीएम को हटाकर दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं से वोट चोरी के आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस संबंध में साक्ष्य तैयार कर रहा है और उन्हें जल्द ही राष्ट्रपति के पास प्रस्तुत करेगा।

खड़गे ने कहा, “हमने अपनी बात उनके सामने रखी और वोट चोरी के बारे में उन्हें बताया। ज्ञानेश कुमार के कार्यालय से जो इतनी बड़ी वोट चोरी हो रही है, उसे लेकर हमने मांग की है कि ईवीएम को हटाकर फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। उन्होंने हमसे वोट चोरी के सबूत मांगे हैं। हम सबूत तैयार कर रहे हैं और उन्हें जल्द सौंपेंगे। हम सारी जानकारी देंगे। उन्होंने हमारी बातों को ध्यान से सुना है।”

खड़गे के बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष इस मामले को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य राष्ट्रपति के सामने रखने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, कथित वोट चोरी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और उनकी जांच के निष्कर्ष अलग विषय हैं।

राहुल गांधी बोले- राष्ट्रपति ने हमारी बात को नकारा नहीं

Vote Theft Allegations : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बैठक को अपने लिए चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने गए थे और बैठक के दौरान राष्ट्रपति ने उनकी बातों को नकारा नहीं।

राहुल गांधी ने कहा, “मैं अभी-अभी एक बहुत ही हैरान करने वाली बैठक से निकला हूं। सबसे पहली बात, हम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपने गए थे। राष्ट्रपति ने हमारी बात को किसी भी तरह से नकारा नहीं, उस पर कोई सवाल नहीं उठाया और न ही उस पर कोई बहस की।”

राहुल गांधी के मुताबिक, चुनावों में कथित धांधली और वोट चोरी के आरोपों पर चर्चा के दौरान राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे सबूत लेकर उनके पास आएं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस विषय पर साक्ष्य एकत्रित किए हैं और अब उन्हें राष्ट्रपति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

राहुल गांधी ने दावा किया कि देश के नागरिकों और विद्यार्थियों के बीच भी वोट चोरी को लेकर चिंता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने इस विषय पर विचार करने और कार्रवाई करने की बात कही है। हालांकि, राष्ट्रपति की ओर से किसी जांच या कार्रवाई के अंतिम निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक विवरण अलग से महत्वपूर्ण होंगे।

राहुल गांधी ने कहा, “चुनाव में धांधली की बात पर राष्ट्रपति ने हमसे कहा कि आप सबूत लेकर हमारे पास आइए। हमने सारे सबूत एकत्रित किए हैं, इन सबूतों को राष्ट्रपति के पास ले जाया जाएगा। पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि वे इसके बारे में सोचेंगी और कार्रवाई करेंगी। मैं उनका दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष इस मामले में अपने पास मौजूद जानकारी और सबूत राष्ट्रपति के समक्ष रखेगा। उनके अनुसार, जब राष्ट्रपति इन साक्ष्यों को स्वीकार करने के लिए तैयार होंगी, तब विपक्ष उन्हें सौंप देगा।

राहुल गांधी का दावा- 2024 का चुनाव भी चुरा लिया गया

Vote Theft Allegations : राहुल गांधी ने अपने बयान में वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 का चुनाव भी चुरा लिया गया था और कहा कि विपक्ष अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने जब सबूत मांगे हैं, तो विपक्ष उन सभी साक्ष्यों को उनके पास लेकर जाएगा। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रपति चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज कर देंगी, लेकिन बैठक में ऐसा नहीं हुआ।

राहुल गांधी ने कहा, “2024 का चुनाव भी चुरा लिया गया और फिर भी राष्ट्रपति चाहती हैं कि हम उन्हें सबूत दें। जब वह सबूत स्वीकार करने के लिए तैयार होंगी, तो हम जमा किए गए सभी सबूत उनके पास ले जाएंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें वास्तव में उम्मीद थी कि राष्ट्रपति वोट चोरी के आरोपों से इनकार करेंगी और कहेंगी कि भारत में चुनाव कराने की व्यवस्था स्वतंत्र तथा निष्पक्ष है। लेकिन, राहुल गांधी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातों को सुनने के बाद सबूत पेश करने को कहा, जिससे वह हैरान रह गए।

कांग्रेस नेता की टिप्पणी विपक्ष के राजनीतिक रुख को दर्शाती है। हालांकि, वर्ष 2024 के चुनाव में व्यापक स्तर पर वोट चोरी होने का उनका आरोप एक दावा है, जिसे प्रमाणित करने के लिए प्रस्तुत साक्ष्यों और संबंधित संस्थाओं की जांच के निष्कर्षों को देखना आवश्यक होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अपनी ओर से जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को राष्ट्रपति के समक्ष रखेगा। उनके अनुसार, इस मामले में विपक्ष की कोशिश है कि आरोपों पर विचार किया जाए और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान निकाला जाए।

ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति से मुलाकात को बताया सकारात्मक

Vote Theft Allegations : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया।

ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति ने मामले के विवरण देखने और जांच करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं से सबूत भेजने के लिए कहा है और विपक्ष आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगा।

ममता बनर्जी ने कहा, “हमने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा है। हमने सकारात्मक रुख देखा है। उन्होंने कहा कि वह जांच करेंगी, विवरण देखेंगी। उन्होंने हमें सबूत भेजने के लिए कहा है और हम भेजेंगे।”

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि देश में लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था को लेकर चिंता का माहौल है। उन्होंने राष्ट्रपति को संविधान का संरक्षक बताते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी रहे।

ममता बनर्जी ने कहा, “देश बहुत चिंतित है और संविधान के संरक्षक के तौर पर आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतंत्र बना रहे।”

उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर भी जोर दिया। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन एकजुट है, मजबूत है और देश की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का रुख सकारात्मक रहा और उन्होंने मामले की जांच करने तथा विवरण देखने की बात कही। ममता बनर्जी के अनुसार, विपक्ष इस मामले में आवश्यक सबूत उपलब्ध कराएगा और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़े अपने मुद्दों को आगे भी उठाता रहेगा।

विजय चौक पर विपक्षी नेताओं का जोरदार प्रदर्शन

Vote Theft Allegations : राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली के विजय चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी नेता और प्रदर्शनकारी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों को उठाया।

विजय चौक पर प्रदर्शन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित कई नेता शामिल हुए।

इसके अलावा, सांसद दानिश अली, मनोज झा, राजीव राय और सुप्रिया सुले समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस नेता भूपेश बघेल और कुमारी सैलजा भी विजय चौक पहुंचे।

विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर बैठकर नारेबाजी की और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान वहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया।

विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। इसी मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के नेता एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग क्यों उठा रहा है विपक्ष?

Vote Theft Allegations : विपक्षी इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठने वाली चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए।

विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, कथित वोट चोरी के आरोपों की जांच, एसआईआर से जुड़े सवालों पर विचार और ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग शामिल है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति के सामने इन मुद्दों को रखा और ज्ञापन सौंपा। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में सबूत प्रस्तुत करेगा। वहीं, ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति ने मामले के विवरण देखने और सबूत भेजने के लिए कहा है।

इस पूरे मामले में विपक्ष के आरोपों और उन्हें प्रमाणित करने वाले साक्ष्यों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है। विपक्ष ने वोट चोरी का आरोप लगाया है, लेकिन इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों, प्रस्तुत साक्ष्यों और सक्षम संस्थाओं की जांच के निष्कर्षों को देखना होगा।

एसआइआर और मतदाता सूची को लेकर भी विपक्ष की चिंता

Vote Theft Allegations : मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ ही विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

विपक्षी नेताओं की चिंता है कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव में पारदर्शिता होनी चाहिए और योग्य मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए। इसी कारण विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर व्यापक चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहा है।

विपक्ष के अनुसार, मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इसी मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और अपनी चिंताओं से अवगत कराया।

हालांकि, एसआइआर से संबंधित प्रत्येक आरोप और आशंका का मूल्यांकन संबंधित नियमों, उपलब्ध साक्ष्यों और आधिकारिक प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाना आवश्यक है।

बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग फिर चर्चा में

Vote Theft Allegations : विपक्षी नेताओं ने ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को भी दोहराया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कहा कि विपक्ष ने चुनावी व्यवस्था में बदलाव की मांग रखी है।

विपक्ष का तर्क है कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। इसी संदर्भ में विपक्षी दलों के कुछ नेता बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत करते रहे हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हैं और चुनाव कराने की व्यवस्था से संबंधित कोई भी बदलाव निर्धारित कानूनी तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार ही किया जा सकता है।

राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान विपक्ष ने कथित वोट चोरी के आरोपों पर अपने पक्ष को रखा और सबूत प्रस्तुत करने की बात कही। राहुल गांधी के अनुसार, विपक्ष इस मामले में एकत्रित साक्ष्यों को राष्ट्रपति तक पहुंचाएगा।

इंडिया गठबंधन ने एकजुटता का दिया संदेश

Vote Theft Allegations : विजय चौक पर प्रदर्शन और राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान विपक्षी इंडिया गठबंधन के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी ने इस मुद्दे पर विपक्ष की सामूहिक रणनीति को सामने रखा। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने इस घटनाक्रम में भाग लिया।

ममता बनर्जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इंडिया गठबंधन एकजुट है और मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन देश की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। उनके बयान का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों की साझा भूमिका को रेखांकित करना था।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अपने-अपने बयान में कहा कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य पेश करेगा। वहीं, विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनावी व्यवस्था में बदलाव की मांग को दोहराया।

आगे क्या होगा?

Vote Theft Allegations : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे कथित वोट चोरी के आरोपों से संबंधित सबूत और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएंगे। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि साक्ष्य तैयार किए जा रहे हैं, जबकि राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष एकत्रित सबूत राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करेगा। ममता बनर्जी ने भी पुष्टि की कि विपक्ष आवश्यक जानकारी भेजेगा।

अब इस मामले में आगे की स्थिति विपक्ष की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों, राष्ट्रपति कार्यालय की प्रतिक्रिया और संबंधित संवैधानिक तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। विपक्ष की मांग है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर विचार किया जाए और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

9 अक्टूबर को दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, कथित वोट चोरी के आरोपों, एसआईआर और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया। विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर प्रदर्शन करने के बाद राष्ट्रपति से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा।

राहुल गांधी ने बैठक को चौंकाने वाला बताया, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातें ध्यान से सुनीं, जबकि ममता बनर्जी ने मुलाकात को सकारात्मक करार दिया। विपक्षी नेताओं ने भरोसा जताया कि वे अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करेंगे और इस मुद्दे को आगे भी उठाते रहेंगे।

हालांकि, कथित वोट चोरी के आरोपों की पुष्टि और चुनावी प्रक्रिया में किसी अनियमितता का निर्धारण प्रस्तुत साक्ष्यों तथा संबंधित संस्थाओं की जांच के आधार पर ही किया जा सकता है। फिलहाल विपक्ष ने इस मामले में अपनी मांगें राष्ट्रपति के सामने रख दी हैं और सबूत सौंपने की बात कही है।

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