संवाददाता, पटना, 24 जुलाई। Udyami Yojana : बिहार सरकार के उद्योग विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से ना सिर्फ युवा बल्कि किसी भी उम्र के उद्यमी अपने सपनों को पूरा कर रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’, ‘बिहार लघु उद्यमी योजना’ जैसी योजनाओं को अपना कर ना सिर्फ सपनों को पंख लग रहे हैं बल्कि अपने घर की जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं।
इन योजनाओं ने इनकी तकदीर के साथ-साथ इन उद्यमियों के घर की तस्वीर भी बदल कर रख दी है। कुछ ऐसी ही कहानी है मुंगेर जिले के अभिमन्यु कुमार की जिन्होंने घर की परिस्थिति को देखते हुए अपना व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
10 लाख रुपये की सहायता से शुरू किया अपना काम
Udyami Yojana : इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद अभिमन्यु आर्मी में भर्ती होना चाहते थे लेकिन पिता के देहांत ने इनके रास्ते हमेशा के लिए बदल दिया। इन्हें किसी माध्यम से मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के बारे में जानकारी मिली जिसके बाद इन्होंने इसमें आवेदन दिया और इनका चयन भी हो गया। उन्होंने आटा, सत्तू और बेसन निर्माण का छोटा सा प्लांट शुरू किया। 10 लाख रुपये की सहायता से आज वह अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला रहे हैं और अपने साथ-साथ कई अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। अभिमन्यु जैसे कई युवा इस योजना का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।
- प्रिंस कुमार ने आइसक्रीम उत्पादन इकाई शुरू की है और गर्मी में शीतलता और स्वाद का कारोबार जमाया है।
- गौतम कुमार ने रेडीमेड वस्त्र निर्माण शुरू कर अपने इलाके में फैशन की नई परिभाषा दी है।
- सुनील कुमार ने बेकरी निर्माण इकाई की शुरुआत की, जिससे उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली।
- आशीष कुमार सिंह ने नोटबुक निर्माण शुरू कर शैक्षणिक क्षेत्र में योगदान दिया।
- बब्बन कुमार ने भी रेडीमेड गारमेंट निर्माण इकाई शुरू कर स्थानीय बाजार में अपनी पहचान बनाई।
यह है योजना
Udyami Yojana : मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत राज्य सरकार 10 लाख रुपये तक का अनुदान एवं ऋण सहायता देती है। इसमें 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत ब्याज मुक्त ऋण होता है, जिससे युवा बिना किसी परेशानी के अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
Author: Nivedita Jha
Nivedita Jha is a graduate from Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University. She is also a double post graduate. She has also done journalism. She has five years of experience in journalism.







