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Toxic Liquor Deaths : मोतिहारी में जहरीली शराब का कहर, मरने वालों की संख्या छह तक पहुंची

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Toxic Liquor Deaths: Six Dead in Motihari, Bihar Tragedy Deepens

Toxic Liquor Deaths : कानून बनाम हकीकत: जहरीली शराब से फिर बेबस हुआ बिहार

मोतिहारी, 4 अप्रैल। Toxic Liquor Deaths : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित रूप से जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ते हुए छह तक पहुंच गई है। शनिवार को इस घटना में एक और व्यक्ति की मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में भय, आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त हो गया है। इस दुखद घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है।

तब आया प्रशासन हरकत में

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब गुरुवार को तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में इन मौतों का कारण जहरीली शराब का सेवन बताया गया। इसके बाद से ही प्रशासन हरकत में आया और जांच का दायरा बढ़ाया गया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता गया, जो अब छह तक पहुंच चुका है।

पुलिस ने शुरू की सख्त कार्रवाई

मोतिहारी के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्रों में हुई इन मौतों के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक इस मामले में एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए हत्या का मामला दर्ज किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन इस घटना को केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अपराध के रूप में देख रहा है।

तुरकौलिया थाना प्रभारी निलंबित

Toxic Liquor Deaths :  उन्होंने यह भी बताया कि इस लापरवाही के चलते तुरकौलिया थाना प्रभारी को कर्तव्यहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया है, जो इस पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच करेगा।

आरोपितों से पूछताछ जारी

पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के तहत इस मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं के रूप में परसौना निवासी नागा राय, हरदिया गांव के जम्मू बैठा तथा चौकीदार भरत राय सहित कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है, जबकि अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।

पुलिस ने चलाया अभियान

Toxic Liquor Deaths :  इसी बीच, पुलिस ने दावा किया है कि दो अप्रैल और तीन अप्रैल को अवैध शराब के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान कुल 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया और करीब 1927 लीटर देशी शराब बरामद की गई। इसके बावजूद इस तरह की घटना का सामने आना प्रशासनिक प्रयासों की सीमाओं को उजागर करता है और यह सवाल उठाता है कि आखिरकार अवैध शराब का नेटवर्क इतनी मजबूती से कैसे सक्रिय है।

राज्य की राजनीति में हलचल तेज

Toxic Liquor Deaths :  इस दुखद घटना के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने भी बिहार में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग उठाई है। ज्ञात हो कि बिहार में वर्ष 2016 से शराब की बिक्री, खरीद और सेवन पर पूर्णतः प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद समय-समय पर जहरीली शराब से मौतों की घटनाएं सामने आती रही हैं, जो इस कानून की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

तेजस्वी यादव ने दी प्रतिक्रिया

Toxic Liquor Deaths :  विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह मामला एक बार फिर राज्य सरकार की नीतियों की विफलता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती रही हैं।

तेजस्वी यादव ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब के कारण 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ये केवल सरकारी आंकड़े हैं, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। इसके अलावा, कई दर्जन लोग इस जहरीली शराब के सेवन के कारण अपनी आंखों की रोशनी तक खो चुके हैं, जिससे यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

परिजनों का रो रो कर बुरा हाल

Toxic Liquor Deaths :  इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या केवल कानून बनाना पर्याप्त है, या फिर उसके प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी की भी उतनी ही आवश्यकता है। फिलहाल, मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिला रहा है।

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