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Tejashwi Yadav Case : जमीन के बदले नौकरी केस में तेजस्वी यादव ने आरोपों से किया इन्कार

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Tejashwi Yadav Case: RJD Leader Rejects Charges in Land for Job Scam

Tejashwi Yadav Case : राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

पटना, 9 फरवरी। Tejashwi Yadav Case : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने सीबीआइ जांच वाले बहुचर्चित जमीन के बदले नौकरी घोटाले में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और ट्रायल का सामना करेंगे।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत कई अन्य आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे।

“आपराधिक गिरोह की तरह काम करने” की कोर्ट की टिप्पणी

Tejashwi Yadav Case : कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने एक आपराधिक गिरोह की तरह काम किया और सरकारी नौकरियों का इस्तेमाल जमीन हासिल करने के लिए किया गया। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि रेल मंत्रालय को व्यक्तिगत संपत्ति की तरह प्रयोग में लाया गया और इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश थी।

41 पर आरोप, 52 को राहत

Tejashwi Yadav Case : इस मामले में कोर्ट ने कुल 41 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए हैं, जबकि 52 अन्य आरोपितों को बरी कर दिया गया। मामला वर्ष 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान रेलवे में ग्रुप डी की नियुक्तियों से जुड़ा है।

सीबीआइ का आरोप: नौकरी के बदले जमीन

Tejashwi Yadav Case : सीबीआइ के अनुसार, रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले उम्मीदवारों से लालू परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर जमीनें बेहद कम कीमत पर या मुफ्त में ट्रांसफर कराई गईं।

ट्रायल का रास्ता साफ, कानूनी लड़ाई शुरू

Tejashwi Yadav Case : कोर्ट ने 29 जनवरी को सभी आरोपितों को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच आरोप स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए पेश होने का निर्देश दिया था। तेजस्वी यादव ने आरोपों से इनकार करते हुए ट्रायल का सामना करने का विकल्प चुना।

राजद का पलटवार: राजनीतिक बदले की कार्रवाई

Tejashwi Yadav Case : राजद ने पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि यह विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश है।

अब सबूतों की परीक्षा होगी

कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। अब आगे सुनवाई, गवाहों और सबूतों की पेशी का दौर चलेगा। मामले की जांच सीबीआइ कर रही है और सभी आरोपित खुद को निर्दोष बता रहे हैं।

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