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Sandeep Pathak FIR : दल बदल के बाद बढ़ीं मुश्किलें, संदीप पाठक पर पंजाब में एफआइआर, गिरफ्तारी की आहट तेज

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Sandeep Pathak FIR: Punjab Cases Raise Arrest Risk After BJP Switch

चंडीगढ़, 2 मई । Sandeep Pathak FIR : आम आदमी पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाले राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ पंजाब में दो अलग-अलग एफआइआर दर्ज की गई हैं, जिससे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है और गिरफ्तारी की आशंका भी जताई जा रही है।

दो जिलों में मामला दर्ज

शनिवार को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब के दो जिलों में गैर-जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों को गंभीर माना जा रहा है और पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के आधार पर कभी भी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है।

इसी बीच, संभावित गिरफ्तारी की चर्चाओं के बीच संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने आवास से बाहर निकलते हुए देखा गया। वे अपनी गाड़ी में बैठकर कहीं जाते नजर आए, जिससे यह अटकलें और तेज हो गईं कि वे कानूनी स्थिति को लेकर सक्रिय हो गए हैं।

हाल ही में भाजपा में हुए हैं शामिल

यह उल्लेखनीय है कि संदीप पाठक के खिलाफ ये एफआइआर ऐसे समय में दर्ज की गई हैं, जब उन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा का रुख किया है। उनके साथ राघव चड्ढा और अशोक मित्तल ने भी पार्टी बदलने का फैसला किया। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने भी आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

इन नेताओं में से स्वाति मालीवाल को छोड़कर बाकी सभी राज्यसभा सांसद पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में इन बड़े नेताओं का पार्टी छोड़ना राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। सात सांसदों के पार्टी बदलने के बाद राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ताकत भी काफी घट गई है और उसकी सीटें 10 से कम होकर मात्र 3 रह गई हैं।

पार्टी छोड़ने वालों को गद्दार करार दिया

Sandeep Pathak FIR : इस घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को ‘गद्दार’ करार दिया और कहा कि इन नेताओं ने जनता के विश्वास और जनादेश का अपमान किया है। मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के प्रति किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने पंजाब और यहां के लोगों के साथ विश्वासघात किया है।

राष्ट्रपति से मिलेंगे मान

इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। उन्होंने 29 अप्रैल को जानकारी दी थी कि उन्हें राष्ट्रपति भवन से मिलने का समय मिल गया है और वे 5 मई को राष्ट्रपति से मिलकर इस पूरे मामले से अवगत कराएंगे। यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें राज्यसभा सांसदों के दल बदल और उससे जुड़े संवैधानिक पहलुओं पर चर्चा हो सकती है।

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