पटना, 25 दिसंबर। RLM leadership crisis : 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) में गंभीर आंतरिक कलह सामने आई है। पार्टी के आठ वरिष्ठ नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा देकर पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पर वंशवादी राजनीति अपनाने का आरोप लगाया है। इस सामूहिक विद्रोह ने पार्टी नेतृत्व को हिला दिया है।
बिजनेस सेल के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता बाहर
RLM leadership crisis : इस्तीफा देने वालों में आरएलएम बिजनेस सेल के प्रदेश अध्यक्ष अनंत कुमार गुप्ता के साथ कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जिलास्तरीय नेता शामिल हैं। इन नेताओं में वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, प्रवक्ता और दो जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं।
इस्तीफा देने वालों की सूची
- अनंत कुमार गुप्ता – प्रदेश अध्यक्ष (व्यापार प्रकोष्ठ)
- उमेश प्रसाद – वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष
- शिवचंद्र प्रसाद – उपाध्यक्ष
- मोहनलाल – मीडिया प्रभारी
- अजय कुमार बिट्टू – प्रवक्ता
- गोपाल जी प्रसाद – महासचिव
- बसुकिनाथ गुप्ता – जिला अध्यक्ष (गोपालगंज)
- शशि किशोर साह – जिला अध्यक्ष (पटना पूर्व)
चुनाव जीत के बाद बढ़ा असंतोष
RLM leadership crisis : 2025 विधानसभा चुनाव में आरएलएम ने चार सीटें जीतीं। इसके बाद उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा विधायक बनीं। उनके बेटे को राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया गया।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि आरएलएम, जिसने कभी वंशवाद का विरोध करने का दावा किया था, अब उसी राह पर चल रही है।
विचारधारा खत्म, आत्मसम्मान बचाने को दिया इस्तीफ़ा
RLM leadership crisis : इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बात करते हुए अनंत कुमार गुप्ता ने कहा— राज्य समिति को एक सप्ताह पहले भंग कर दिया गया। जिस विचारधारा ने हमें इस पार्टी से जोड़ा था, वह अब समाप्त हो चुकी है। आत्मसम्मान से समझौता कर पार्टी में बने रहना संभव नहीं।
इसी तरह, वरिष्ठ नेता शिवचंद्र प्रसाद ने टिप्पणी की— आरजेडी की तरह हमारी पार्टी भी वंशवादी राजनीति की चपेट में आ गई है।
तीन विधायकों में भी नाराज़गी, ‘लिट्टी पार्टी’ में अनुपस्थित
RLM leadership crisis : पार्टी सूत्रों का दावा है कि आरएलएम के तीन विधायक पहले से ही उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व से नाराज़ चल रहे हैं। इन तीनों की कुशवाहा द्वारा आयोजित हाल की ‘लिट्टी पार्टी’ में अनुपस्थिति को आंतरिक बगावत का संकेत माना जा रहा है।
बढ़ीं राजनीतिक अटकलें
RLM leadership crisis : इस्तीफों के बीच उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की, जिसके बाद चर्चाएँ तेज हैं कि आरएलएम में और टूट संभव है और असंतुष्ट नेता पार्टी से अलग हो सकते हैं।
आरएलएम की स्थिरता पर गंभीर सवाल
RLM leadership crisis : आठ नेताओं के सामूहिक इस्तीफे और विधायकों की बढ़ती नाराज़गी ने आरएलएम की भविष्य की स्थिरता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। बिहार की पहले से अस्थिर गठबंधन राजनीति के बीच यह संकट पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।







