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Consumer Forum Action : उपभोक्ता फोरम की सख्त कार्रवाई, चप्पल न बदलने पर लिबर्टी शोरूम मैनेजर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

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Consumer Forum Action: Non-Bailable Warrant Issued Against Liberty Showroom Manager in Sitapur

सीतापुर, 25 दिसंबर। Consumer Forum Action : जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, सीतापुर ने लिबर्टी शूज शोरूम के प्रबंधक उस्मान के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कर दिया है। यह वारंट उपभोक्ता की चप्पल बदलने से इन्कार करने और आयोग के आदेश की लगातार अनदेखी करने पर जारी किया गया है।

आयोग ने पुलिस अधीक्षक, सीतापुर को निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में 2 जनवरी 2026 तक वारंट की तामील सुनिश्चित की जाए और प्रबंधक को गिरफ्तार कर आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

यह है पूरा मामला

Consumer Forum Action : यह मामला बट्सगंज निवासी आरिफ से जुड़ा है। उन्होंने 10 मई 2022 को ट्रांसपोर्ट चौराहे स्थित लिबर्टी शोरूम से 1,700 रुपये की चप्पल खरीदी थी। शोरूम ने चप्पल पर 6 महीने की वारंटी देने का भरोसा दिया था। लेकिन सिर्फ एक महीने में ही चप्पल टूटने लगी।

जब आरिफ ने शिकायत की तब उन्हें टालमटोल किया गया। बाद में शोरूम ने खराब चप्पल अपने पास तो रख ली, पर नई चप्पल देने से साफ इन्कार कर दिया।

कई बार शोरूम के चक्कर लगाने के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नाराज़ उपभोक्ता ने 17 अक्टूबर 2022 को जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया।

शोरूम मैनेजर की अनदेखी बनी बड़ी गलती

Consumer Forum Action : उपभोक्ता फोरम ने कई बार नोटिस भेजे, लेकिन मैनेजर उस्मान न तो सुनवाई में उपस्थित हुए और न ही किसी प्रकार का जवाब दाखिल किया।

अंततः फोरम ने 8 जनवरी 2024 को उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आदेश दिया किच चप्पल की कीमत लौटाई जाए। मानसिक प्रताड़ना के लिए 2,500 रुपये दिए जाएं। वाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये अदा किए जाएं। लेकिन इन आदेशों को भी नजरअंदाज कर दिया गया।

फोरम ने लिया कठोर निर्णय

Consumer Forum Action : फोरम ने बताया कि आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए रजिस्टर्ड पत्र भेजे गए, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस लापरवाही के बाद आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 72 के तहत गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।

यह कदम उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती और व्यवसायियों द्वारा आदेशों की अनदेखी के खिलाफ एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

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