Republic Day Parade : स्वदेशी शौर्य और सांस्कृतिक वैभव का भव्य संगम
नई दिल्ली, 26 जनवरी। Republic Day Parade : इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह भारत की बढ़ती स्वदेशी सैन्य शक्ति, बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत और जन-भागीदारी का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया। कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड ने राष्ट्र की एकता और आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समारोह का नेतृत्व किया, जबकि यूरोपीय यूनियन के शीर्ष नेता एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
Republic Day Parade : गणतंत्र दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव, देश की विकास यात्रा, स्वदेशी रक्षा उपकरण, सैन्य ताकत और आम नागरिकों की भागीदारी एक साथ देखने को मिली। इस वर्ष झांकियों की थीम रही—
‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’।
कला, परंपरा और आकाश से पुष्पवर्षा
Republic Day Parade : समारोह की शुरुआत 100 कलाकारों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों की झलक दिखी। इसके बाद चार एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने कर्तव्य पथ पर पुष्पवर्षा कर माहौल को और भव्य बना दिया।
परेड में दिखा सेना का युद्ध-ready स्वरूप
Republic Day Parade : परेड के दौरान भारतीय सेना की ताकत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। स्वदेशी टैंक, बख्तरबंद वाहन, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और रोबोटिक डॉग्स ने दर्शकों को रोमांचित किया।
टी-90 भीष्म और अर्जुन टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, ध्रुव और प्रचंड हेलीकॉप्टर तथा स्पेशल फोर्सेज की मौजूदगी ने भारत की सैन्य क्षमता को मजबूती से रेखांकित किया।
ऑपरेशन सिंदूर : तीनों सेनाओं की संयुक्त शक्ति
Republic Day Parade : एक विशेष झांकी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त अभियान की ताकत को दर्शाया गया। नौसेना की झांकी में पुराने जहाजों से लेकर आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर आइएनएस विक्रांत तक की गौरवगाथा दिखाई गई। वायुसेना के लड़ाकू विमानों के फ्लाई-पास्ट ने आसमान में देशभक्ति का रंग भर दिया। तटरक्षक बल की महिला टुकड़ी भी परेड का खास आकर्षण रही।
30 झांकियां, 30 कहानियां: भारत की विविधता का उत्सव
Republic Day Parade : कर्तव्य पथ पर 17 राज्यों और 13 मंत्रालयों की कुल 30 झांकियां निकाली गईं। इन झांकियों में संस्कृति, कृषि, तकनीक, नवाचार, आत्मनिर्भरता और आज़ादी की यात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। कई झांकियों ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों का विशेष उत्सव भी मनाया।
जन-भागीदारी की मिसाल: 10,000 विशेष अतिथि
Republic Day Parade : इस वर्ष करीब 10,000 विशिष्ट नागरिक समारोह का हिस्सा बने। इनमें किसान, वैज्ञानिक, स्टार्ट-अप उद्यमी, खिलाड़ी, महिला समूह, आदिवासी प्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल थे।
गगनयान और चंद्रयान जैसे इसरो अभियानों से जुड़े वैज्ञानिक, डीप ओशन मिशन के विशेषज्ञ, अटल टिंकरिंग लैब्स के मेधावी विद्यार्थी और ‘मन की बात’ के प्रतिभागी भी विशेष अतिथि रहे।
राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वालों को सम्मान
Republic Day Parade : इन नागरिकों को आमंत्रित करने का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करना और राष्ट्रीय आयोजनों में जन-भागीदारी को सशक्त बनाना था। कर्तव्य पथ पर इनके लिए विशेष बैठने की व्यवस्था की गई।
राज्यों की झांकियां: परंपरा से प्रगति तक
- असम: आशारिकांडी टेराकोटा शिल्प ग्राम की झलक
- गुजरात: स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश
- हिमाचल प्रदेश: देव भूमि और वीर भूमि का गौरव
- जम्मू-कश्मीर: हस्तशिल्प और लोकनृत्य
- मणिपुर: कृषि से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक की यात्रा
- ओडिशा: मिट्टी से सिलिकॉन तक नवाचार
- तमिलनाडु: आत्मनिर्भर भारत की झलक
- उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान
- मध्य प्रदेश: पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर
- पंजाब: श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 350 वर्ष
मंत्रालयों की झांकियां: शिक्षा से राष्ट्र निर्माण तक
Republic Day Parade : वायुसेना मुख्यालय की झांकी में पूर्व सैनिकों की भूमिका दिखाई गई, वहीं त्रि-सेवा झांकी में संयुक्तता से विजय का संदेश दिया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से विकसित भारत की ओर अग्रसर स्कूली शिक्षा को प्रस्तुत किया।
कुल मिलाकर, इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह भारत की शक्ति, संस्कृति और सहभागिता का ऐसा उत्सव बना, जिसने हर नागरिक के मन में गर्व और आत्मविश्वास भर दिया।







