गोपालगंज, 3 जनवरी। Ramayan Temple : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत चकिया–केसरिया पथ पर स्थित कैथवलिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मंदिर में स्थापित किए जाने वाले विशाल शिवलिंग का शनिवार को बिहार में प्रवेश हुआ, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
जैसे ही शिवलिंग गोपालगंज जिले में पहुंचा, श्रद्धालुओं ने उसका भव्य स्वागत किया। पूरे इलाके में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज उठे और बड़ी संख्या में लोगों ने शिवलिंग की पूजा-अर्चना की। यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है।
Ramayan Temple : शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण
एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित यह शिवलिंग शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे पारंपरिक दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली में तराशा गया है। करीब 210 मीट्रिक टन वजनी इस शिवलिंग को ले जाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए 96 पहियों वाले ट्रक का उपयोग किया गया है। गोपालगंज के बाद यह शिवलिंग पूर्वी चंपारण जिले में प्रवेश करेगा। रास्ते में जहां-जहां से वाहन गुजर रहा है, वहां दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

जल्द पहुंचेगा पूर्वी चंपारण
Ramayan Temple : ट्रक चालक के अनुसार, शिवलिंग तमिलनाडु से रवाना होकर सागर, ललितपुर, झांसी और कानपुर होते हुए बिहार पहुंचा है। पूर्वी चंपारण पहुंचने में अभी तीन से चार दिन और लगने की संभावना है।
बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के पूर्व अध्यक्ष और महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े किशोर कुणाल ने विराट रामायण मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया था। 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद से अब तक मंदिर की नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग कार्य पूरा किया जा चुका है।
21 नवंबर को महाबलीपुरम से रवाना हुआ था
Ramayan Temple : जानकारी के अनुसार, यह शिवलिंग 21 नवंबर को महाबलीपुरम से रवाना हुआ था। महावीर मंदिर ट्रस्ट की ओर से 120 एकड़ क्षेत्र में विराट रामायण मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कुल 22 मंदिर शामिल होंगे। यहां स्थापित किया जाने वाला यह शिवलिंग लगभग 33 फीट ऊंचा होगा और इसे दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक माना जा रहा है।







