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Raghav Chadha : पीएम मोदी से मुलाकात ने राघव चड्ढा के लिए बनाया यादगार पल, भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर लिया आशीर्वाद

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नई दिल्ली, 8 अगस्त। Raghav Chadha :  राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात को अपने लिए बेहद खास और यादगार बताया है। प्रधानमंत्री से मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने अनुभव को शब्दों में बयां किया। उन्होंने कहा कि यह ऐसी सुबह थी, जिसे वह लंबे समय तक याद रखेंगे।

राघव चड्ढा ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात को सीखने और मार्गदर्शन हासिल करने का अवसर बताया। उन्होंने लिखा, “एक सुबह जो हमेशा याद रहेगी। पीएम मोदी से मिलने का सौभाग्य मिला। विस्तृत और समृद्ध बातचीत हुई। उनके बहुमूल्य समय और मार्गदर्शन से सीखने का अवसर देने के लिए हृदय से आभारी हूं।”

चड्ढा की इस पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी। तस्वीर में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान गणेश की एक प्रतिमा भेंट करते हुए नजर आए। मुलाकात के इस भावपूर्ण क्षण ने दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक को एक अलग ही सांस्कृतिक और आत्मीय रंग दिया।

गणेश प्रतिमा के साथ मुलाकात की तस्वीर, सोशल मीडिया पर साझा किया खास पल

Raghav Chadha : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राघव चड्ढा की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इस पर चर्चा शुरू हो गई। तस्वीर में चड्ढा प्रधानमंत्री को भगवान गणेश की प्रतिमा सौंपते दिखाई दे रहे हैं।

भगवान गणेश को भारतीय परंपरा में शुभारंभ, बुद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में प्रधानमंत्री को गणेश प्रतिमा भेंट करने का यह क्षण मुलाकात की औपचारिकता से आगे बढ़कर एक सांस्कृतिक भाव से जुड़ा हुआ दिखाई दिया।

चड्ढा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के विषयों का विस्तृत ब्यौरा साझा नहीं किया, लेकिन उन्होंने इसे “विस्तृत और समृद्ध बातचीत” जरूर बताया। साथ ही प्रधानमंत्री के समय और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

उनकी पोस्ट से यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत को उन्होंने एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में देखा। चड्ढा के अनुसार, मुलाकात के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री के विचारों और मार्गदर्शन से सीखने का अवसर मिला।

सियासत से स्वास्थ्य व्यवस्था तक—कुछ दिन पहले संसद में उठाई थी बड़ी चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से दो दिन पहले यानी 6 अगस्त को राघव चड्ढा ने राज्यसभा में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कुछ डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच कथित तौर पर चल रहे ‘कट मनी’ या रेफरल कमीशन के चलन पर चिंता जताई थी।

शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए चड्ढा ने कहा था कि यदि किसी मरीज को जांच के लिए किसी खास डायग्नोस्टिक सेंटर भेजने के बदले डॉक्टर को कमीशन दिया जाता है, तो अंततः उसका आर्थिक बोझ मरीज पर ही पड़ता है।

उन्होंने इस व्यवस्था को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया था। उनका कहना था कि मरीज जब डॉक्टर के पास इलाज की उम्मीद लेकर जाता है, तो उसका प्राथमिक उद्देश्य बेहतर उपचार हासिल करना होता है। ऐसे में यदि जांच के लिए रेफर करने के पीछे आर्थिक प्रोत्साहन जुड़ जाए, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और मरीज के हित पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

‘रेफरल’ के बदले कमीशन का दावा, चड्ढा ने संसद में उठाया सवाल

Raghav Chadha : राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए चड्ढा ने दावा किया था कि कुछ डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच एक ऐसा अनौपचारिक तंत्र विकसित हो गया है, जिसमें मरीजों को जांच के लिए भेजने के बदले डॉक्टरों को कमीशन दिया जाता है।

उन्होंने कहा था कि यह व्यवस्था केवल एक-दो मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे तय कमीशन दर, एजेंट और इंसेंटिव की समानांतर व्यवस्था काम कर रही है।

चड्ढा के अनुसार, कुछ मामलों में मरीज को जांच के लिए रेफर करने के एवज में डॉक्टर को 3,000 रुपये तक का भुगतान किए जाने की बात सामने आती है। उन्होंने इस कथित व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया कि यदि मरीज के इलाज और जांच की प्रक्रिया में आर्थिक हित जुड़ जाएं, तो इसका सीधा प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं की लागत पर पड़ सकता है।

उन्होंने अपने बयान में कहा था कि यह व्यवस्था मरीज का इलाज करने के बजाय उसे रेफर करने के लिए डॉक्टर को भुगतान करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

‘मार्केटिंग एक्सपेंस’ के नाम पर भुगतान? मरीज के बिल पर पड़ने वाले असर पर सवाल

राघव चड्ढा ने डायग्नोस्टिक सेंटरों में होने वाले कथित भुगतानों के तरीके पर भी सवाल उठाया था। उनका आरोप था कि कुछ सेंटर ऐसे भुगतानों को अपने खातों में ‘मार्केटिंग एक्सपेंस’ के तौर पर दिखाते हैं, जबकि डॉक्टरों की ओर से इसे ‘रेफरल कमीशन’ के रूप में देखा जाता है।

उनका तर्क था कि नाम चाहे जो दिया जाए, यदि इस तरह का भुगतान वास्तव में मरीज को किसी विशेष जांच केंद्र की ओर भेजने के बदले किया जाता है, तो अंततः इसकी लागत मरीज से वसूली जा सकती है।

यही वजह है कि उन्होंने इस मुद्दे को केवल डॉक्टरों या डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच के लेनदेन के रूप में नहीं, बल्कि आम मरीज की जेब से जुड़े सवाल के तौर पर सामने रखा।

स्वास्थ्य सेवाओं में जांच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। कई बार बीमारी की पहचान, उपचार की दिशा और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया जांच रिपोर्ट पर निर्भर करती है। ऐसे में जांच की जरूरत और उसके लिए चुने गए केंद्र को लेकर पारदर्शिता मरीज के लिए अहम हो जाती है।

एक तरफ पीएम से संवाद, दूसरी तरफ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने संसद में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण चिंता उठाई थी। एक ओर उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत को अपने लिए सीखने और मार्गदर्शन का अवसर बताया, वहीं दूसरी ओर संसद में मरीजों पर पड़ने वाले कथित रेफरल कमीशन के आर्थिक प्रभाव का मुद्दा उठाया।

हालांकि, प्रधानमंत्री और चड्ढा के बीच हुई बातचीत में किन-किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी विस्तृत जानकारी में नहीं की गई है। चड्ढा ने भी अपनी पोस्ट में बातचीत के मुद्दों का उल्लेख नहीं किया है।

 

फिलहाल, इस मुलाकात की तस्वीर और चड्ढा की सोशल मीडिया पोस्ट ही चर्चा के केंद्र में हैं। भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट करते हुए उनकी तस्वीर ने इस मुलाकात को खास बना दिया है।

‘यादगार सुबह’ की तस्वीर ने खींचा ध्यान

Raghav Chadha : राघव चड्ढा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई यह मुलाकात सिर्फ एक राजनीतिक बैठक W, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण अनुभव रही। उन्होंने जिस तरह मुलाकात को “एक सुबह जो हमेशा याद रहेगी” कहा, उससे इसकी अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री को भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट करने का दृश्य इस मुलाकात का सबसे प्रमुख हिस्सा बनकर सामने आया। वहीं, चड्ढा द्वारा प्रधानमंत्री के समय और मार्गदर्शन के लिए जताया गया आभार भी उनकी पोस्ट में प्रमुखता से दिखाई दिया।

अब इस मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के विषयों को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक क्षेत्र में स्वाभाविक रूप से उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि, जब तक दोनों नेताओं की ओर से बातचीत के मुद्दों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आती, तब तक इसके एजेंडे को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

फिलहाल इतना जरूर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात को राघव चड्ढा ने बेहद खास शब्दों में याद किया है और भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट करते हुए साझा की गई तस्वीर ने इस मुलाकात को और भी चर्चित बना दिया है।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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