पटना, 4 अगस्त। Prashant Kishor : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 19 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इसे केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति के लिए जनता का स्पष्ट संदेश बताया। उन्होंने कहा कि यह जनादेश बताता है कि बिहार के लोग अब बेहतर नेतृत्व, बेहतर शिक्षा, रोजगार और विकास की राजनीति चाहते हैं।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बांकीपुर के विकास, बिहार की राजनीति, भाजपा, राजद, जदयू और आने वाले चुनावों सहित कई अहम मुद्दों पर अपनी राय विस्तार से रखी।
“सिर्फ विधायक बनने से नहीं बदलेगी तस्वीर”
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट कहा कि किसी एक व्यक्ति के विधायक बनने से बांकीपुर की तस्वीर रातों-रात नहीं बदल जाएगी। उनका कहना था कि बदलाव के लिए योजनाबद्ध विकास और ईमानदार राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि जन सुराज की प्राथमिकता बांकीपुर के लिए एक ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसे पूरे बिहार में उदाहरण के रूप में देखा जा सके। अगले एक से डेढ़ वर्ष के भीतर एक विस्तृत ब्लूप्रिंट जारी किया जाएगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि किस प्रकार बांकीपुर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और रोजगार के अवसरों से भरपूर शहर बनाया जा सकता है।
उनके अनुसार, यदि सही दिशा में काम किया जाए तो बांकीपुर भी देश के विकसित शहरों की तरह बेहतर बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक अवसरों वाला क्षेत्र बन सकता है।
भाजपा की हार में छिपा जनता का संदेश
बांकीपुर के नतीजों को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि इस चुनाव में उनकी जीत से अधिक महत्वपूर्ण भाजपा की हार है। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं ने भाजपा नेतृत्व को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और अब उस विश्वास को सही नेतृत्व के जरिए निभाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अब केवल पुराने राजनीतिक नारों से संतुष्ट नहीं हैं। शिक्षा, रोजगार, उद्योग और पलायन जैसे मुद्दे लोगों की प्राथमिकता बन चुके हैं। यदि इन्हें नजरअंदाज किया गया तो जनता भविष्य में भी अपना फैसला इसी तरह सुनाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल “जंगलराज” का मुद्दा उठाकर चुनाव जीतने की राजनीति अब ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती। जनता विकास और परिणाम चाहती है।
“बांकीपुर बनेगा विकास का मॉडल”
Prashant Kishor : प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी राजनीति चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में वह लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद करेंगे और उन्हें यह समझाने का प्रयास करेंगे कि यदि बांकीपुर में विकास का मॉडल सफल होता है, तो उसी मॉडल को बिहार के दूसरे इलाकों में भी लागू किया जा सकता है।
उनके मुताबिक, जन सुराज की सबसे बड़ी ताकत जनता के बीच लगातार संवाद और स्थानीय समस्याओं के समाधान की कोशिश है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को दी शुभकामनाएं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार का कोई नेता राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहा है, यह राज्य के लिए गर्व की बात है।
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी पद की वास्तविक सफलता उसके काम से तय होती है। इसलिए उम्मीद है कि नितिन नवीन राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और बिहार के हितों को भी प्राथमिकता देंगे।
तेजस्वी यादव के भविष्य पर क्या बोले?
राजद नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के राजनीतिक भविष्य पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका राजनीतिक भविष्य किसी से छिपा नहीं है। वे राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के प्रमुख नेताओं में हैं और उनकी भूमिका भी उसी अनुरूप बनी हुई है।
उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि जनता ही अंततः सभी नेताओं के भविष्य का फैसला करती है।
नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और जदयू पर टिप्पणी
Prashant Kishor : पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और जदयू की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि नीतीश कुमार पूरी तरह सक्रिय और स्वस्थ होते, तो पार्टी की वर्तमान परिस्थितियां शायद अलग होतीं।
उन्होंने दावा किया कि आज जदयू में जिन लोगों का प्रभाव दिखाई देता है, वे परिस्थितियों का परिणाम हैं। उनके अनुसार, पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर कई सवाल खड़े हो चुके हैं।
भरत तिवारी प्रकरण पर तीखा हमला
भरत तिवारी मामले का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किसी पीड़ित परिवार की भावनाओं का चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनैतिक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को राजनीतिक संदेश देने के लिए इस्तेमाल किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने मनोज तिवारी को सार्वजनिक रूप से चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में न्याय के पक्षधर हैं तो संबंधित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर उठाए सवाल
बिहार के मौजूदा नेतृत्व को लेकर भी प्रशांत किशोर ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनकी किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन बिहार जैसे बड़े राज्य का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति के हाथों में होना चाहिए जिसकी छवि, योग्यता और प्रशासनिक क्षमता पर सवाल न उठते हों।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता एक ऐसे नेतृत्व की हकदार है जो राज्य को शिक्षा, रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास के रास्ते पर आगे ले जा सके।
युवा क्यों जुड़ रहे हैं जन सुराज से?
Prashant Kishor : प्रशांत किशोर का मानना है कि जन सुराज के साथ बड़ी संख्या में युवाओं का जुड़ना किसी संयोग का परिणाम नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार का युवा आज सबसे ज्यादा शिक्षा, रोजगार और पलायन की समस्या से जूझ रहा है।
उनके अनुसार, जो युवा बिहार से बाहर पढ़ाई या नौकरी के लिए गए हैं, वे दूसरे राज्यों का विकास देखकर समझते हैं कि बिहार कितनी संभावनाओं के बावजूद पीछे रह गया है। यही कारण है कि वे बदलाव की राजनीति की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
2025 के चुनाव से मिली सीख
विधानसभा चुनाव 2025 का उल्लेख करते हुए प्रशांत किशोर ने स्वीकार किया कि उस समय उनकी पार्टी अपनी बात को पूरी मजबूती से मतदाताओं तक नहीं पहुंचा सकी थी। उन्होंने माना कि संगठनात्मक कमजोरियां भी परिणामों का एक कारण हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सरकार द्वारा दी गई आर्थिक सहायता योजनाओं का असर भी मतदाताओं के फैसले पर पड़ा होगा। हालांकि उनका विश्वास है कि समय के साथ लोग विकास और दीर्घकालिक बदलाव की राजनीति को अधिक महत्व देंगे।
जनादेश का व्यापक अर्थ
प्रशांत किशोर ने अंत में कहा कि बांकीपुर का जनादेश केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत है। उनका दावा है कि राज्य की जनता अब जातीय और पारंपरिक राजनीतिक विमर्श से आगे बढ़कर शिक्षा, रोजगार, बेहतर प्रशासन और विकास जैसे मुद्दों पर निर्णय लेना चाहती है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि राजनीति का केंद्र जनता की वास्तविक समस्याएं बनेंगी, तो बिहार आने वाले वर्षों में नई दिशा और नई पहचान हासिल कर सकता है।






