नोएडा, 19 जनवरी। Noida Engineer Death : नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए विशेष जांच टीम (SIT) के गठन के निर्देश दिए हैं। साथ ही नोएडा अथॉरिटी के सीईओ एम. लोकेश को पद से हटा दिया गया है।
Noida Engineer Death : 5 दिन में रिपोर्ट, एडीजी मेरठ के नेतृत्व में जांच
मुख्यमंत्री के आदेश पर एडीजी जोन मेरठ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआइटी बनाई गई है, जिसे पांच दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच नोएडा अथॉरिटी ने संबंधित जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया है और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
बिल्डर पर एफआइआर, प्रशासनिक कार्रवाई तेज
Noida Engineer Death : मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित बिल्डर के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली गई है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह हुआ खुलासा
Noida Engineer Death : युवराज मेहता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मौत की वजह को लेकर अहम तथ्य उजागर हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दम घुटने (Asphyxia) के साथ-साथ हार्ट फेलियर/कार्डियक अरेस्ट को भी मौत का कारण बताया गया है।
ठंडा पानी, लंबा इंतजार और बढ़ता तनाव
Noida Engineer Death : पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा शनिवार रात का है, जब नोएडा में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। जिस बेसमेंट में युवराज की कार गिरी, वहां पानी भरा हुआ था, जो बर्फ की तरह ठंडा बताया जा रहा है। हादसे के बाद युवराज करीब दो घंटे तक पानी से घिरे वाहन पर खड़े होकर मदद का इंतजार करता रहा।
देरी बनी जानलेवा, घबराहट में आया कार्डियक अरेस्ट
Noida Engineer Death : लंबे समय तक ठंडे पानी के संपर्क में रहने, अत्यधिक सर्दी और मानसिक तनाव के कारण युवराज की हालत बिगड़ती चली गई। आशंका जताई जा रही है कि मदद में देरी के चलते वह घबराहट का शिकार हो गया, और इसी दौरान उसे कार्डियक अरेस्ट आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रशासन पर उठे सवाल, जांच से उम्मीद
इस घटना ने नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों में लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें एसआइटी जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस हादसे के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।







