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manish kashyap : तो इसलिए मनीष कश्यप ने भाजपा छोड़ने का किया फैसला, जानिए पूरी वजह

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manish kashyap

पटना। manish kashyap : देश के जाने माने पत्रकार और समाजसेवी मनीष कश्यप ने यूं ही भाजपा छोड़ने का फैसला नहीं किया। वह लगातार पश्चिम चंपारण के इलाकों का दौरा कर रहे थे। जनता से मिले ​फीड​बैक के आधार पर उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया।


उल्लेखनीय है कि हाल में ही पटना के पीएमसीएच में मनीष कश्यप पर हमला हुआ था। जिसमें वह घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में एडमिट होकर इलाज कराना पड़ा था। मनीष कश्यप पटना के पीएमसीएच में अपने क्षेत्र के मरीज के इलाज के लिए गए थे लेकिन वहां बदहाल व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन पर हमला कर दिया गया था। मनीष कश्यप ने बिहार के अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को जिम्मेदार ठहराया था।

क्षेत्र से ​मनीष कश्यप को यह फीडबैक मिल रहा था कि जनता के काम नहीं हो रहे हैं। भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधि भी नहीं सुन रहे हैं।

यही वजह रही कि रविवार को मनीष कश्यम ने फेसबुक लाइव पर आकर घोषणा की कि “मैं अब भाजपा में नहीं हूं।”

पिछले साल आए थे भाजपा में

manish kashyap : मनीष कश्यप ने पिछले साल अप्रैल में भाजपा की सदस्यता ली थी। मनीष कश्यप ने फेसबुक लाइव आकर इसकी घोषणा करते हुए कहा, “मैं अपने गांव चनपटिया गया था, कई क्षेत्रों में गया, वहां पर लोगों से बात की है, उसके बाद मैंने यह निर्णय लिया है। मुझे बिहार के लिए लड़ना है, बिहारियों के लिए लड़ना है, यहां की समस्याओं के लिए लड़ना है।”

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में रहकर भी मैंने बिहार की समस्याओं को उठाने की कोशिश की। अब मुझे लग रहा है कि पार्टी में रहकर मैं लोगों की आवाज को अच्छे से नहीं उठा पाऊंगा, इसलिए मैंने यह निर्णय लिया है। हालांकि इस निर्णय से कई लोग खुश भी होंगे, कई दुखी भी होंगे। इस निर्णय के लिए मुझे मजबूर किया गया।

महत्वाकांक्षी होता तो खेल बिगाड़ देता

manish kashyap : उन्होंने कहा, “कुछ नेता कहते थे कि मैं महत्वाकांक्षी हूं, लेकिन ऐसा होता तो 2024 का चुनाव लड़कर इनका खेल बिगाड़ता।”

मनीष कश्यप ने आगे कहा, “यहां रहकर मैं जब खुद की मदद नहीं कर पाया तो दूसरों की मदद क्या करता। अब निर्णय ले लिया। वैसे किसी न किसी प्लेटफॉर्म की तलाश रहेगी। यहां पर रहने का मतलब यह है कि आप उन भ्रष्टाचार पर पर्दा डालें जो आपकी आंखों के सामने आपके ही लोगों के साथ हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी।”

चुनाव को लेकर चर्चा

manish kashyap : उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “मैं बिहार के लोगों के लिए खड़ा हूं। मेरी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं है। मेरी लड़ाई स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए है। मैं उस कुर्सी के खिलाफ हूं, जिस पर बैठकर लोग लूट रहे हैं। आखिर गरीब कहां जाए?” उन्होंने यह वादा भी किया कि वे हमेशा मर्यादा में रहेंगे।

बेतिया के रहने वाले मनीष कश्यप उस समय चर्चा में आए थे, जब फर्जी वायरल वीडियो मामले में उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

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