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Kishtwar Encounter : किश्तवाड़ के जंगलों में फिर गूंजी गोलियां, आतंकवादियों से आमना-सामना

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Kishtwar Encounter: Fresh Gunfight Between Security Forces and Terrorists

Kishtwar Encounter : सिंहपोरा में दोबारा मुठभेड़, जॉइंट फोर्सेज ने कसा शिकंजा

जम्मू, 22 जनवरी। Kishtwar Encounter : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। चतरू इलाके के सिंहपोरा गांव में गुरुवार सुबह सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच दोबारा मुठभेड़ शुरू हो गई। यह मुठभेड़ उस स्थान पर हुई है, जहां चार दिन पहले भी गोलीबारी हुई थी।

सुबह होते ही शुरू हुई फायरिंग

Kishtwar Encounter :  अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह जॉइंट फोर्सेज ने गांव में छिपे आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद फायरिंग शुरू की। इसके जवाब में आतंकवादियों ने भी गोलीबारी की, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया।

चार दिन पहले शहीद हुआ था पैराट्रूपर

Kishtwar Encounter :  रविवार को हुई शुरुआती मुठभेड़ में सेना का एक पैराट्रूपर शहीद हो गया था, जबकि सात अन्य जवान घायल हुए थे। इसके बाद से आतंकवादी इलाके में छिपे हुए थे और चार दिनों तक चुप्पी साधे रहे। गुरुवार को दोबारा गोलीबारी शुरू होने से स्पष्ट है कि आतंकवादी अभी भी इलाके में फंसे हुए हैं।

ड्रोन और स्निफर डॉग्स से सर्च ऑपरेशन

सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज की कई टीमें पिछले चार दिनों से ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। पूरे इलाके में कड़ी घेराबंदी की गई है ताकि आतंकवादी किसी भी हाल में फरार न हो सकें।

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी होने की आशंका

Kishtwar Encounter :  सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इलाके में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो से तीन आतंकवादियों का एक समूह फंसा हुआ है। इन आतंकियों को मार गिराने के लिए अभियान लगातार तेज किया जा रहा है।

जम्मू क्षेत्र में इस साल की चौथी मुठभेड़

गुरुवार की यह मुठभेड़ वर्ष 2026 में जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच चौथी झड़प है। इससे पहले 18 जनवरी को भी सिंहपोरा गांव में तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने फायरिंग की थी।

जंगलों में छिपे आतंकी, पहले भी हो चुकी हैं मुठभेड़ें

Kishtwar Encounter :  इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र के कहोग और नजोत जंगलों में मुठभेड़ हुई थी। वहीं, पिछले साल 15 दिसंबर को उधमपुर जिले के मजालता इलाके के सोआन गांव में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी शहीद हो गए थे, जबकि आतंकी घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।

गणतंत्र दिवस से पहले बढ़ाई गई चौकसी

Kishtwar Encounter :  अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस को देखते हुए आतंकवाद विरोधी अभियानों को और तेज कर दिया गया है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर इस क्षेत्र में और आतंकवादियों को भेजने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षाबल किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

किश्तवाड़ की यह मुठभेड़ सुरक्षाबलों की सतर्कता और आतंकवाद के खिलाफ जारी निर्णायक लड़ाई का स्पष्ट संकेत है।

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